नई दिल्ली। त्रिपुरा में अपनी हार स्वीकार करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव येचुरी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विधानसभा चुनाव जीतने के लिए धन व बाहुबल का बेजा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने कहा कि हां, ऐसा हुआ क्योंकि भाजपा ने बईमानी से बड़े पैमाने पर इकट्ठा किए धन व बाहुबल का इस्तेमाल किया और सभी वाम विरोधी तत्वों को एकजुट करने में कामयाब हो गई. Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

येचुरी ने त्रिपुरा के लोगों को चेताया कि चुनाव में बेहिसाब पैसे बहाने वाले इसकी भरपाई के लिए जमकर सरकारी खजाना लूटेंगे और उसमें से आपको कुछ नहीं देंगे, बल्कि आपकी जेब ढीली करने के तरह-तरह के तरीके ढूंगेंगे, जैसा केंद्र में मोदी सरकार कर रही है।. भाजपा के सत्ता में आने का राज्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा ने बिना किसी मर्यादा के धनबल का इस्तेमाल कर सभी प्रकार की ताकतें यहां झोंक दी. इसके बुरे परिणाम होंगे, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

अपने सिलसिलेवार ट्वीट में येचुरी ने कहा कि हम न केवल त्रिपुरा में, बल्कि पूरे देश में भाजपा और इसके विभाजनकारी एजेंडे का विरोध करना लगातार जारी रखेंगे. उन्होंने इससे पहले कहा कि माकपा त्रिपुरा में लोगों के जनादेश स्वीकारती है, जो यहां भाजपा-आईपीटीएफ गठबंधन की सरकार बनाने के लिए है. यह बदलाव तब हुआ है, जब वाम मोर्चे ने पांच विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर 25 वर्षों तक सही मायने में जनता की सेवा की. Also Read - भाजपा अध्यक्ष ने कहा- लॉकडाउन में पैदल घर को निकले लोगों की मदद करें पार्टी कार्यकर्ता 

उन्होंने कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि राज्य के 45 प्रतिशत लोगों ने वाम मोर्चा को मत दिया है. हम त्रिपुरा के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि विपक्ष में रहकर माकपा उनके हित के लिए काम करती रहेगी.

गौरतलब है कि इस विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में भाजपा ने 35 सीटें और उसकी गठबंधन सहयोगी आईपीएफटी ने आठ सीटें जीती हैं. राज्य की 60 विधानसभा सीटों में से 59 पर 18 फरवरी को मतदान हुआ था. एक सीट पर माकपा उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था

आईएएनएस इनपुट