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कोलकाता, 23 नवंबर (आईएएनएस)| मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने यहां रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पार्टी के नेता की गिरफ्तारी के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बौखलाई हुई हैं, इसके बावजूद भाजपा से मुकाबले के लिए उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर निर्भर नहीं रह सकती। मीडिया से बातचीत के दौरान येचुरी ने ममता को आड़े हाथ लेते हुए उनकी इस टिप्पणी को कोई भाव नहीं दिया कि राज्यसभा सदस्य सृंजय बोस की गिरफ्तारी धर्मनिरपेक्ष मोर्चा बनाने के उनके प्रयास की बौखलाहट में की गई है। उन्होंने कहा कि शारदा घोटाले की पूरी जांच के बाद कई और तृणमूल नेता जेल जाएंगे। Also Read - हाथरस कांड: जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुए दिल्ली CM केजरीवाल, बोले- इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए

येचुरी ने कहा, “तृणमूल के दो राज्यसभा सदस्य पहले से ही सलाखों के पीछे हैं। तृणमूल के एक के बाद एक राज्यसभा सदस्य जेल जा रहे हैं। देश के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।” उन्होंने कहा, “शुरुआत में ही यह हाल है, जब पूरी कहानी सामने आएगी तब घोटाले में उनके कई नेताओं की संलिप्तता पाई जाएगी और वे सभी सलाखों के पीछे होंगे।” Also Read - दिल्ली दंगा: पुलिस चार्जशीट में येचुरी, योगेंद्र यादव के नाम सह-षडयंत्रकर्ता के रूप में दर्ज, प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप

ममता ने शनिवार को कहा था कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनकी पार्टी के नेता बोस को महज इसलिए गिरफ्तार किया, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली गई थीं। उनकी इस टिप्पणी पर येचुरी ने कहा, “उस आयोजन में हम भी शामिल हुए थे, लेकिन हमारे किसी नेता की गिरफ्तारी तो नहीं हुई है।”

मतता और उनकी पार्टी सोमवार को भाजपा के खिलाफ ‘महामिछिल’ (महारैली) करने की तैयारी में हैं। येचुरी ने कहा कि बंगाल की सत्ताधारी पार्टी पर भरोसा नहीं किया जा सकता कि वह सांप्रदायिकता का मुकाबला कर पाएगी। माकपा नेता ने सवाल उठाया, “भाजपा बंगाल में कैसे घुसी, सांप्रदायिक ताकतों को बंगाल किसने लाया? इसी तृणमूल ने।”

उल्लेखनीय है कि दशकभर पहले तृणमूल कांग्रेस भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा हुआ करती थी।