नई दिल्ली। 2019 आम चुनाव की आहट अभी से सुनाई दे रही है. नेताओं के बयान संकेत दे रहे हैं कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी होगी तो दूसरी तरफ विपक्षी दलों का गठबंधन. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष के चेहरे के सवाल को गलत करार देते हुए कहा कि यह चुनाव ‘मोदी बनाम भारत’ होगा.

2019 चुनाव से पहले निशाने पर पीएम मोदी, मंत्री भी बिना इजाजत नहीं आ पाएंगे करीब

वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक ‘शेड्स ऑफ ट्रुथ’ के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि अगला चुनाव इस सरकार को हटाने के लिए होगा. मैं यह कहता हूं कि यह चुनाव नेताओं के बीच नहीं होगा, बल्कि मोदी और भारत के बीच होगा. चुनाव मोदी बनाम भारत होगा.

शरद यादव ने दिया मोरारजी देसाई का हवाला

लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने कहा कि पहले भी बिना नेता के विपक्षी गठबंधन चुनाव लड़कर कामयाब हो चुके हैं और इस बार भी ऐसा ही होगा. उन्होंने कहा कि 1977 में मोरारजी देसाई को चुनाव बाद प्रधानमंत्री चुना गया. 1989 में भी वीपी सिंह और 1990 के दशक में देवगौड़ा को इसी तरह चुना गया.

भाजपा छोड़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके चंदन मित्रा ने कहा कि भाजपा के खिलाफ व्यापक गठबंधन होगा और इसका नेतृत्व कोई क्षेत्रीय नेता करेगा या करेगी. उनका इशारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ था.

लोकसभा चुनाव 2019: मोदी विरोधी गठबंधन में राहुल को नहीं मिल रही जगह!

बीजेपी की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी चेहरा हैं, लेकिन विपक्ष की ओर से अभी तक कोई नाम सामने नहीं आया है. तमाम दलों ने 2019 की जंग के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं. बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों का मिलन कर्नाटक में सीएम कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में दिख चुका है. यहां कांग्रेस समेत बीजेपी विरोधी करीब 17 दल पहुंचे थे. उधर, यूपी में सपा-बसपा की जुगलबंदी ने मुकाबले को और दिलचस्प बनाते हुए बीजेपी के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं.