नई दिल्‍ली: देश के सेना प्रमुख ने बुधवार को एक बड़ा बयान दिया है. आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत कहा है कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति किसी भी समय खराब हो सकती है, हमें हर कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा. उनका बयान ऐसे समय में आया है, जब अगस्त में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को खत्म करने के बाद से पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है.

पाकिस्‍तान एलओसी के पार से लगातार आतंकियों को समर्थन देकर भारत में घुसने में पूरी मदद कर रहा है. इस साल अक्टूबर तक सीमा से जम्मू कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास की 171 घटनाएं हुई और इनमें से 114 प्रयास सफल रहे.

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घुसपैठ के सफल प्रयास की घटनाओं में अगस्त में 59, अक्टूबर में सात, सितंबर में 20 और अगस्त में 32 घटनाएं हुईं. साल 2018 में सफल घुसपैठ की 143 घटनाएं, 2017 में 136 और 2016 में 119 घटनाएं हुईं.

बता दें जम्‍मू-कश्‍मीर में धारा 370 को खत्‍म करने के बाद से पाकिस्‍तान और भारत के बीच तनाव और भी बढ़ गया है. पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर भी आपत्तिजनक बयान वैश्विक स्‍तर पर दिए हैं. वहीं, भारत ने पाकिस्‍तान के इस कदम का सीधे विरोध किया है.

बता दें कि बीते दिनों जिनेव में पहले वैश्विक शरणार्थी फोरम में सह संयोजक के रूप में सह संयोजक के रूप में मंगलवार को कहा था कि कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार के कदमों की वजह से दक्षिण एशिया में एक बड़ा शरणार्थी संकट पैदा होने जा रहा है. खान ने कहा, ”मैं कहना चाहता हूं कि पूरे विश्व को (दक्षिण एशिया में) आसन्न सबसे बड़े शरणार्थी संकट के बारे में अवगत होना चाहिए”

भारत के नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी पर टिप्पणी करते हुए खान ने कहा, ”यदि दो-तीन प्रतिशत मुसलमान अपनी नागरिकता साबित नहीं कर सकते हैं तो यह एक बड़ी चुनौती होगी…मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसे देखने को कहता हूं. खान ने कहा, यदि विश्व भारत पर दबाव डाले तो इसे रोका जा सकता है. एक बार संकट शुरू होने पर हम इसे नहीं रोक सकते. यह जटिल और कठिन है.

भारत ने इमरान खान के इस बयान को बहुत बड़ा झूठ करार दिया कि कश्मीर में ‘कठोर कार्रवाई’ और संशोधित नागरिकता कानून के चलते लाखों मुसलमान भारत से भाग सकते हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा थाकि खान ने भारत के बिल्कुल अंदरूनी मामलों में अनावश्यक और अवांछित टिप्पणियां की हैं तथा अपने ‘संकीर्ण’ राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए बहुपक्षीय मंच पर एक बार फिर ‘पहले की भांति झूठ’ का प्रचार किया है.

कुमार ने कहा कि अब पूरी दुनिया के लिए बिल्कुल स्पष्ट हो जाना चाहिए कि वैश्विक मंच पर खान द्वारा आदतन और जबरन गालियां देना एक ढर्रा बन गया है. ‘पाकिस्तान के ज्यादातर पड़ोसियों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण अनुभव रहा है कि उसकी हरकतों का पड़ोसियों पर बहुत बुरा असर रहा है.