श्रीनगर: कश्मीर घाटी में करीब तीन महीने के बाद मंगलवार को स्कूल खुले. जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के बाद से स्कूल बंद थे. घाटी में जनजीवन भी सामान्य की तरफ बढ़ रहा है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अधिकारियों बताया कि घाटी में सार्वजनिक यातायात सेवा बहाल होने के बाद कई निजी स्कूलों ने यह निर्णय लिया है. स्कूल प्रबंधनों ने स्कूल को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोलने का निर्णय लिया है और बच्चों से कहा है कि वह सामान्य कपड़ों में ही स्कूल आएं. स्कूल ड्रेस न पहनें.

सोमवार को शहर और घाटी के कई अन्य इलाकों में सार्वजनिक यातायात साधन में बेहद सुधार देखा गया. अधिकारियों ने बताया कि जिले से बाहर और जिले के भीतर यातायात सुविधा में व्यापक सुधार हुआ है.

वहीं, अधिकारियों ने बताया कि निजी वाहन बिना किसी बाधा के चल रहे हैं. रविवार को श्रीनगर से बनिहाल रेल सेवा भी बहाल कर दी गई है.

डिवीजनल कमिश्नर बशीर खान ने कहा कि स्थिति हर दिन बेहतर होती जा रही है. यातायात का बढ़ा है, व्यापार और व्यापार में सुधार हुआ है. भारी बर्फबारी में क्षतिग्रस्त हुई विद्युत पारेषण लाइनों को कुछ क्षेत्रों के वर्जित क्षेत्रों में बहाल किया गया है.

अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने से कुछ दिन पहले घाटी में तीन अगस्त को सुरक्षा कारणों से ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई थी. हालांकि अब भी कुछ इलाकों में बंद का असर है और बाजार खुलने के समय में परिवर्तन देखा गया है. अब यहां सुबह-सुबह दुकानें खुलती हैं और दोपहर तक बंद हो जाती है. हालांकि शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में कुछ दुकानें पूरे दिन खुली रहीं.

हालांकि, घाटी में प्रीपेड मोबाइल सेवा और इंटरनेट सेवा 5 अगस्त से ही बंद है.

घाटी के शीर्ष अलगाववादी नेता निषेधात्मक हिरासत में लिए गए हैं. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती नजरबंद हैं. पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को विवादित जन सुरक्षा अधिनियम के तहत रखा गया है.