नई दिल्ली: मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आज छह विश्वविद्यालयों को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की. इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बंबई और आईआईएससी बेंगलोर शामिल हैं. मंत्रालय ने निजी क्षेत्र से मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, बिट्स पिलानी और जियो इंस्टीट्यूट को भी उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्रदान किया. Also Read - BITSAT Admit Card 2020 Released: BITS पिलानी ने जारी किया BITSAT 2020 का एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड

देश का कोई भी विश्वविद्यालय विश्व के टॉप 100 में नहीं
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुताबिक देश के लिये उत्कृष्ट संस्थान (इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस) काफी महत्वपूर्ण हैं. मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा हमारे देश में आठ सौ विश्वविद्यालय हैं लेकिन एक भी विश्वविद्यालय शीर्ष सौ से दो सौ की विश्व रैंकिंग में शामिल नहीं है. इस निर्णय से इसे हासिल करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे इन संस्थानों के स्तर एवं गुणवत्ता को तेजी से बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और पाठ्यक्रमों को भी जोड़ा जा सकेगा. इसके अलावा इन्हें विश्व स्तरीय संस्थान बनाने की दिशा में जो कुछ भी जरूरी होगा किया जा सकेगा. Also Read - BITSAT 2020 Slot Booking: BITS पिलानी ने एडमिशन स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया की शुरू, इस दिन जारी होगा एडमिट कार्ड

विशेषज्ञ समिति ने उत्कृष्ट संस्थानों का चयन किया
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिये टिकाऊ योजना, सम्पूर्ण स्वतंत्रता और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों को सार्वजनिक वित्त पोषण की जरूरत होती है. मोदी सरकार की प्रतिबद्धता हस्तक्षेप नहीं करने और संस्थानों को अपने अनुरूप आगे बढ़ने की अनुमति प्रदान करने की है. उन्होंने कहा कि इस दिशा में नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से एक और मील का पत्थर स्थापित करने वाली गुणवत्तापूर्ण पहल की गई. विशेषज्ञ समिति की ओर से उत्कृष्ट संस्थानों का चयन किया गया है. जिनमे से छह विश्वविद्यालयों की सूची जारी की जा रही है. इसमें तीन सार्वजनिक क्षेत्र के और तीन निजी क्षेत्र के संस्थान शामिल हैं. Also Read - IIT Bombay के डिजिटल दीक्षांत समारोह की PM मोदी ने की तारीफ, VIDEO शेयर कर किया यह ट्वीट...

मील का पत्थर साबित होगा यह निर्णय
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह इस दिशा में मील का पत्थर निर्णय है क्योंकि इसके बारे न तो सोचा गया था और न ही प्रयास किया गया था. यह श्रेणीबद्ध स्वायत्तता से कहीं आगे की चीज है और वास्तव में संस्थानों की पूर्ण स्वायत्तता जैसा है. उन्होंने कहा कि इससे संस्थान अपने निर्णय स्वयं ले सकेंगे. आज का निर्णय एक तरह से पूर्ण स्वायत्तता है और इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी छात्र को शिक्षा के अवसर एवं छात्रवृत्ति, ब्याज में छूट, फीस में छूट जैसी सुविधाओं से वंचित न रहे. जावड़ेकर ने आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बंबई और आईआईएससी बेंगलोर के साथ मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, बिट्स पिलानी और जियो इंस्टीट्यूट को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने पर बधाई दी.

देश के आईआईटी में लड़कियों की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत
उन्होंने उम्मीद जतायी कि आने वाले समय में और संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान के रूप में मान्यता मिल सकेगी. जावड़ेकर ने कहा कि देश के आईआईटी में लड़कियों की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत हो गई है और दो वर्ष पहले की तुलना में यह 8 प्रतिशत की वृद्धि है. मंत्री ने आईआईएससी बेंगलोर को गौरव का विषय बताया और कहा कि इस संस्थान में बेहतर बनने की संभावना है. यह संस्थान सार्वजनिक क्षेत्र का संस्थान है, इसे पूर्ण स्वायत्तता प्रदान की गई है ताकि यह वास्तव में विश्व स्तरीय संस्थान बन सके.

आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बंबई को बधाई देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि इन दोनों उत्कृष्ट संस्थानों को सरकारी वित्त पोषण प्राप्त होगा क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के जिन संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्रदान किया गया है, उन्हें अगले पांच वर्षो के दौरान 1000 करोड़ रूपये का सरकारी अनुदान मिलेगा. ( इनपुट एजेंसी )