देहरादून. देहरादून के गढ़ी कैंट में रहने वाले बिग्रेडियर पीएस गुरुंग भले ही सेना से रिटायर्ड हो गए हैं, लेकिन देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को वे आज भी बड़ी निष्ठा के साथ निभाते हैं. जहां रिटायरमेंट के बाद अक्सर इंसान आराम की सोचता हैं वहीं पीएस गुरुंग निस्वार्थ भाव से सेना व अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए उत्सुक युवाओं को प्रशिक्षित करते हैं. रिटायर्ड बिग्रेडियर पीएस गुरुंग यह शिक्षा युवाओं को मुफ्त में देते हैं. Also Read - Jammu Kashmir: पाकिस्तान की फिर एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, भारतीय सेना को मिली सुरंग

शहीद बेटे की याद में शुरू की यह पहल

रिटायर्ड बिग्रेडियर पीएस गुरुंग के पुत्र लेफ्टिनेंट गौतम गुरुंग 1998 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद हो गए थे. जब पीएस गुरुंग के पास बेटे की शहादत की सूचना आई तो उनकी आंखे नम तो हुई लेकिन सीना गर्व से चौड़ा हो गया. इसी दौरान उन्होंने गौतम गुरुंग मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट की शुरुवात की. लेकिन राजनीति के कारण उन्होंने इसे बंद करने का फैसला लिया.

रिटायर्ड बिग्रेडियर पीएस गुरुंग ने साल 2011 में गौतम गुरुंग बॉक्सिंग क्लब की नींव रखी गई. आज के इस दौर में उनके इस क्लब से ट्रेनिंग लेकर तरिबन कई जांबाज देश की सेवा में बॉर्डर पर तैनात हैं. उन्होंने बताया की इसे चलाने के लिए शहीद बेटे की जो पेंशन मिलती है उसे ट्रस्ट में डालते हैं ताकि जरूरतें पूरी हों.