नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के राजौरी के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने के दौरान हुए विस्फोट में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्‍ट की अंतिम विदाई में हुजूम उमड़ पड़ा. मेजर के निवास स्थान से जैसे ही मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट का शव अंतिम विदाई के लिए ले जाया जाने लगा लोगों ने मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद और भारत जिंदाबाद के नारे लगाए. मेजर बिष्ट (31) उस बम निरोधक दस्ते का नेतृत्व कर रहे थे जिसे नौशेरा सेक्टर में बारूदी सुरंग होने का पता चलने पर दोपहर तीन बजे उसे निष्क्रिय करने की जिम्मेदारी दी गई थी.

दस्ते ने एक बारूदी सुरंग को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया लेकिन दूसरी बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने के दौरान उपकरण सक्रिय हो गया और इसमें अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गये और शहादत प्राप्त की. बिष्ट के नेहरु कालोनी स्थित घर पर उनके परिवार के सदस्य इस महीने के आखिर में उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. बिष्ट का विवाह सात मार्च को होने वाला था. यद्यपि शनिवार शाम में दुखद खबर मिलने के बाद सभी शोक में डूब गए.मित्रों और रिश्तेदारों का पूरे दिन उनके घर पर आना जारी रहा जो उनके अभिभावकों के प्रति संवेदना जताने के लिए आ रहे थे.

मेजर बिष्ट अलमोड़ा जिले के रानीखेत के रहने वाले थे और उनके अभिभावक देहरादून में रहते हैं. उनके पिता एसएस बिष्ट एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं और उनकी मां एक गृहणी हैं. परिवार के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि मेजर बिष्ट का विवाह सात मार्च को होने वाला था और वह 28 फरवरी को आने वाले थे.