नई दिल्ली: सैनिटरी नैपकिन पीरियड के दिनों में महिलाओं के प्रयोग में आने वाला ऐसा उत्पाद जिसको टैक्स से छूट और सस्ते में उपलब्ध कराने को लेकर कई संगठन लंबे समय से मांग करते रहे हैं लेकिन अभी तक ऐसा संभव नहीं हो पाया है. फिर भी कई संस्थान अब इसके बारे में काफी सक्रिय कदम उठाते नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को इंडियन जूट इंडस्ट्रीज रिसर्च एसोसिएशन (इजिरा) द्वारा तैयार की गई कम लागत वाली जूट आधारित सैनिटरी नैपकिन की सराहना की और संस्था से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में मदद करने के लिये कहा. Also Read - केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का विरोध

ईरानी ने इजिरा के तकनीकी संगोष्ठी के उद्घाटन में कहा कि जूट आधारित सैनिटरी नैपकीन प्राकृतिक हैं और उपलब्ध सामान्य नैपकिन की तुलना में इसमें रासायनिक पदार्थ नहीं है. मैं चाहती हूं कि इजिरा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिये महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालयों के सामने प्रस्तुतिकरण दे.

उन्होंने कहा कि जूट आधारित नैपकिन के लिये मशीनरी जरुरतों पर दस लाख रुपये खर्च होंगे और उद्यमी सरकार की मुद्रा ऋण योजना से इसका लाभ ले सकते हैं.

इससे पहले रेलवे महिला कल्याण केंद्रीय संगठन (आरडब्ल्यूडब्ल्यूसीओ) द्वारा दिल्ली में ‘दस्तक’ नाम से इस तरह की सस्ती सेनेटरी नैपकिन तैयार की जा रही है जिसे स्टेशनों पर सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए इसके लिए स्टेशनों और रेल परिसरों में सेनेटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीन लगाने की योजना है और कई स्टेशनों पर लगाए भी गए हैं.

(भाषा इनपुट के साथ)