चंडीगढ़: केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कृषि कानूनों का विरोध करने को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि किसानों को अपना उत्पाद देश के हर कोने में बेचने का अधिकार मिलने से विपक्षी दल में ‘‘बेचैनी’’ छा गई है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि किसानों को उनके उत्पाद की कीमत सीधे खाते में देने के लिए उसने दशकों में कोई ऊपाय नहीं किया. Also Read - स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द: कमलनाथ बोले- EC ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया, मेरे वकील देखेंगे इस मामले को

भटिंडा के मीडिया कर्मियों के साथ ऑनलाइन प्रेस वार्ता के दौरान ईरानी ने दावा किया कि केन्द्र सरकार किसानों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले पांच साल में उसने गेंहू उत्पादकों को रिकॉर्ड न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान किया है. Also Read - Madhya Pradesh by-election: चुनाव आयोग ने कमलनाथ से छीना स्टार प्रचारक का दर्जा, उनकी रैलियों के लिए प्रत्याशी को अपनी जेब से देना होगा खर्चा

उन्होंने दावा किया, ‘‘विधेयक में जब यह बात कही गयी कि किसानों को उनके उत्पाद की कीमत तीन दिन के भीतर देनी होगी तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘विधयेक में यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों की जमीन को बेचा या गिरवी नहीं रखा जा सकेगा, इसपर कांग्रेस परेशान हो गई.’’ Also Read - UP: अमेठी में ग्राम प्रधान के पति को जिंदा जलाया, एक्शन में आईं स्मृति ईरानी

हरियाणा में विवादित भूमि सौदे का परोक्ष संदर्भ देते हुए ईरानी ने कहा कि वो पार्टी जिसके ‘‘राष्ट्रीय दामाद’’ ने कथित रूप से किसानों से उनकी जमीन लूट ली. वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाद्रा की कथित संलिप्तता वाले भूमि सौदे का जिक्र कर रही थीं.

उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार किसी भी हालत में किसानों के हक को खत्म नहीं करेगी और उनकी मजबूती और उनकी कमाई को बढ़ाने के लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2022 तक देश के किसानों की आय को दोगुना करना का निश्चय किया है और सरकार उसी तरफ प्रयासरत है.