कंटेंट क्रिएटर्स को देना होगा कमाई का हिस्सा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए सरकार ला रही नया कानून
अश्विनी वैष्णव ने कहा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा अपलोड किए गए कंटेंट से बड़ा फायदा मिलता है. इसलिए क्रिएटर्स को भी उनका उचित हिस्सा मिलना चाहिए. रेवेन्यू शेयरिंग में ट्रांसपिरेंसी सुनिश्चित करने से भारत की डिजिटल कंटेंट इकोनॉमी मजबूत होगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) कॉन्क्लेव 2026 में ये बातें कही.
अगर आप कंटेंट क्रिएटर या इन्फ्लुएंसर हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपका चैनल अच्छा परफॉर्म कर रहा है. इसकी रिच बढ़ रही है, लेकिन मॉनिटाइजेशन बेनिफिट नहीं मिल रहा है; तो ये आपके काम की खबर है. केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कंटेंट बनाने वालों के साथ रेवेन्यू (कमाई) का निष्पक्ष बंटवारा करना चाहिए. इसमें जर्नलिस्ट, ट्रेडिशनल मीडिया इंस्टीट्यूट, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, प्रोफेसर और रिसर्चर्स शामिल हैं.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) कॉन्क्लेव 2026 में ये बातें कही. वैष्णव ने कहा कि जो लोग कंटेंट बना रहे हैं, चाहे वे न्यूज प्रोफेशनल हों, दूर-दराज के इलाकों में बैठे क्रिएटर्स हों या अपने रिसर्च शेयर करने वाले एकेडमिक एक्सपर्ट... ये सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाली कमाई में उचित हिस्सेदारी के हकदार हैं. पूरे डिजिटल इकोसिस्टम में निष्पक्ष रेवेन्यू शेयरिंग का सिद्धांत लागू किया जाना चाहिए. डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या तो खुद से रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को अपनाए या इसे लागू करने को लेकर कानूनी ढांचे के लिए तैयार रहें.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेनी होगी कंटेंट की जिम्मेदारी
डिजिटल कंटेंट को लेकर अश्विनी वैष्णव ने कहा, "ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों को जागना होगा. उन्हें उन संस्थानों में विश्वास मजबूत करने के महत्व को समझना होगा, जिन्हें मानव समाज ने हजारों साल में बनाया है. इन प्लेटफॉर्मों को पब्लिश कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी होगी. बच्चों की ऑनलाइन सिक्योरिटी, सभी नागरिकों की ऑनलाइन सिक्योरिटी की जिम्मेदारी इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ही है. इन सिद्धांतों का पालन न करने पर निश्चित रूप से उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा."
क्रिएटर्स को भी मिले उनका उचित हिस्सा
अश्विनी वैष्णव ने कहा, "सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा अपलोड किए गए कंटेंट से बड़ा फायदा मिलता है. इसलिए क्रिएटर्स को भी उनका उचित हिस्सा मिलना चाहिए. रेवेन्यू शेयरिंग में ट्रांसपिरेंसी सुनिश्चित करने से भारत की डिजिटल कंटेंट इकोनॉमी मजबूत होगी. इन नियमों का पालन नहीं करने से निश्चित रूप से वे जिम्मेदार ठहराए जाएंगे, क्योंकि इंटरनेट का नेचर अब बदल चुका है."
मीडिया प्लेटफॉर्म से सहयोग की अपील
वैष्णव ने कहा, "अब समय आ गया है कि हम यह बड़ा बदलाव लाएं. मैं प्लेटफॉर्मों से मानव समाज की इस मूलभूत जरूरत में सहयोग करने की अपील करता हूं. उस समाज का सम्मान किया जाना चाहिए, जो आज इस बदलाव की मांग कर रहा है."
AI के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार ने लागू किया
केंद्रीय मंत्री का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जवाबदेही तय करने के लिए नियमों को सख्त कर रही है. एक अलग कदम के तहत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पिछले साल IT (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन का प्रस्ताव रखा था. इसका उद्देश्य डीपफेक और AI (आर्टिफिशल इंटेलिजंस) से तैयार मिसलीडिंग कंटेंट के बढ़ते खतरे से निपटना है. ड्राफ्ट नियमों के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 'सिंथेटिक कंटेंट को स्पष्ट रूप से लेबल करना होगा और उसमें स्थायी मेटाडेटा या पहचान चिह्न जोड़ना होगा.
AI के इस्तेमाल को लेकर क्या है नया कानून?
केंद्र सरकार ने AI जेनरेटेड कंटेंट के नियमों में बदलाव किए हैं. ये नियम 20 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गए हैं. यह नियम IT Rules 2021 में संशोधन के रूप में लागू किया गया है. इनके तहत सोशल मीडिया या इंटरनेट पर AI जेनरेटेड कंटेंट शेयर करना अब गंभीर कानूनी जिम्मेदारी बन गया है. नए नियम के मुताबिक, सिंथेटिकली या AI जेनरेटेड कंटेंट को परिभाषित किया गया है. यूजर्स के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं.
कानून में क्या हुए बदलाव?
नए कानून के मुताबिक, अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो AI की मदद से बनाया गया है, तो उस पर लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा.
AI कंटेंट बनाने वाले टूल्स के लिए क्या चेतावनी है?
AI टूल बनाने वाली कंपनियों को अपने यूजर्स को चेतावनी देनी होगी कि गलत AI कंटेंट बनाने पर सजा हो सकती है. नियम तोड़ने पर उसका कंटेंट हटाया जाएगा. उसका अकाउंट सस्पेंड या बंद किया जा सकता है.
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