नई दिल्ली: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एक युवक द्वारा गोली चलाए जाने की घटना की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को दावा किया कि समाज गृह युद्ध जैसे हालात की तरफ बढ़ रहा है और इसके लिए सिर्फ भाजपा सरकार जिम्मेदार है. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद येचुरी ने संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, ”समाज गृहयुद्ध जैसे हालात की तरफ बढ़ रहा है और इसके लिए सिर्फ सरकार जिम्मेदार है.” Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

माकपा के महासचिव ने जामिया इलाके में एक युवक के गोली चलाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की. येचुरी ने आरोप लगाया, ‘सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का कोई संकेत नहीं दिया. इसके उलट वह हिंसा का सहारा ले रही है.’ Also Read - अमित शाह का बड़ा बयान, कोविड-19 टीकाकरण समाप्त होने के बाद लागू किया जाएगा CAA

बता दें कि संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान सीएए का विरोध करते हुए कांग्रेस समेत 14 विपक्षी दलों के सदस्य बांह पर काली पट्टी बांधकर पीछे की सीटों पर बैठे.

बता दें कि गुरुवार को एक व्यक्ति ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह पर पिस्तौल से गोलियां चलाईं जिसमें एक छात्र घायल हो गया. इससे पहले वह इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच पिस्तौल लहराते हुए आया और चिल्लाकर कहा यह लो आजादी. बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया तथा हिरासत में ले लिया.

जामिया नगर में उस समय तनाव उत्पन्न हो गया जब भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समूह पर एक लड़के द्वारा पिस्तौल से गोली चलाए जाने से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में जनसंचार का छात्र फारुक घायल हो गया.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति नजमा अख्तर ने गुरुवार को कहा कि विश्वविद्यालय जामिया नगर में बृहस्पतिवार को गोलीबारी की घटना में ज़ख्मी हुए छात्र शादाब फारुक के इलाज का खर्च उठाएगा. अख्तर ने कहा, “ जामिया मिलिया इस्लामिया घायल छात्र के इलाज का भुगतान करेगा और उसके लिए परीक्षा की तारीखों में बदलाव करेगा।”

उन्होंने कहा कि छात्रों ने स्थिति को समझदारी से संभाला, जवाबी कार्रवाई नहीं की. कुलपति ने कहा कि पुलिस देखती रही, व्यक्ति ने पिस्तौल लहराई और ‘‘हमारे छात्र को गोली मार दी’’.