नई दिल्ली: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एक युवक द्वारा गोली चलाए जाने की घटना की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को दावा किया कि समाज गृह युद्ध जैसे हालात की तरफ बढ़ रहा है और इसके लिए सिर्फ भाजपा सरकार जिम्मेदार है.

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद येचुरी ने संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, ”समाज गृहयुद्ध जैसे हालात की तरफ बढ़ रहा है और इसके लिए सिर्फ सरकार जिम्मेदार है.”

माकपा के महासचिव ने जामिया इलाके में एक युवक के गोली चलाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की. येचुरी ने आरोप लगाया, ‘सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का कोई संकेत नहीं दिया. इसके उलट वह हिंसा का सहारा ले रही है.’

बता दें कि संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान सीएए का विरोध करते हुए कांग्रेस समेत 14 विपक्षी दलों के सदस्य बांह पर काली पट्टी बांधकर पीछे की सीटों पर बैठे.

बता दें कि गुरुवार को एक व्यक्ति ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह पर पिस्तौल से गोलियां चलाईं जिसमें एक छात्र घायल हो गया. इससे पहले वह इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच पिस्तौल लहराते हुए आया और चिल्लाकर कहा यह लो आजादी. बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया तथा हिरासत में ले लिया.

जामिया नगर में उस समय तनाव उत्पन्न हो गया जब भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समूह पर एक लड़के द्वारा पिस्तौल से गोली चलाए जाने से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में जनसंचार का छात्र फारुक घायल हो गया.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति नजमा अख्तर ने गुरुवार को कहा कि विश्वविद्यालय जामिया नगर में बृहस्पतिवार को गोलीबारी की घटना में ज़ख्मी हुए छात्र शादाब फारुक के इलाज का खर्च उठाएगा. अख्तर ने कहा, “ जामिया मिलिया इस्लामिया घायल छात्र के इलाज का भुगतान करेगा और उसके लिए परीक्षा की तारीखों में बदलाव करेगा।”

उन्होंने कहा कि छात्रों ने स्थिति को समझदारी से संभाला, जवाबी कार्रवाई नहीं की. कुलपति ने कहा कि पुलिस देखती रही, व्यक्ति ने पिस्तौल लहराई और ‘‘हमारे छात्र को गोली मार दी’’.