कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पांच मंदिरों की पवित्र मिट्टी और संगम (गंगा का अन्य नदियों के साथ संगम) का पवित्र जल पांच अगस्त को राममंदिर के भूमि पूजन (Ram Mandir Bhoomi Poojan) के लिए अयोध्या (Ayodhya) भेजा जाएगा. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक वरिष्ठ नेता ने यहां यह जानकारी दी. पांच अगस्त के अनुष्ठान के साथ ही राम मंदिर के निर्माण (Ram Mandir Nirman) का कार्य प्रारंभ हो जाएगा. Also Read - पश्चिम बंगाल में नक्सली हमला, सहारनपुर जिले के बीएसएफ जवान की मौत

विहिप नेता एवं संगठन के बंगाल मीडिया प्रभारी सौरीश मुखर्जी ने कहा- ‘‘कालीघाट, दक्षिणेश्वर, गंगासागर और कूचबिहार के मदन मोहन जैसे मंदिरों की पवित्र मिट्टी के साथ ही गंगाासागर, भागीरथि, त्रिवेणी नदियों के संगम से पावन जल अयोध्या भेजा जाएगा. इसका उपयोग राम मंदिर के भूमि पूजन अनुष्ठान के दौरान किया जाएगा.’’ Also Read - रामनगरी में दीपोत्सव: अयोध्या में मनाई जा रही महादीवाली, अद्भुत है नज़ारा, देखें PHOTOS

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते पश्चिम बंगाल के विहिप नेता अयोध्या में भूमि पूजन अनुष्ठान में शामिल नहीं हो पायेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘हम टीवी पर उसे देखेंगे और ऐसा इंतजाम करेंगे ताकि राज्य के चप्पे-चप्पे पर उसे सोशल मीडिया (Social Media) पर देखा जा सके.’’ Also Read - कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल राम मंदिर के लिए देंगे 21 हज़ार रुपए, कहा- धार्मिक हूं, कट्टरपंथी नहीं