बेंगलुरु. कर्नाटक में कांग्रेस के शीर्ष मुस्लिम विधायकों में आपसी खींचतान की कलई खुल गई है. राज्य में एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. वहीं, कांग्रेस मंत्री पद से वंचित रखे गए कई विधायकों की नाराजगी से जूझ रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तनवीर सैट ने इल्जाम लगाया कि खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री जमीर अहमद खान ने उन्हें चुनाव में हराने की कोशिश की, लेकिन खान ने उनके इन आरोपों को खारिज करते हुए सैट को अपने निर्वाचन क्षेत्र मैसुरू में अपनी ताकत दिखाने की चुनौती दी.

खान ने उन्हें मंत्री बनाने पर अन्य वरिष्ठ नेता रोशन बेग की कथित आपत्ति पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनकी क्षमताओं की वजह से आला कमान ने उन्हें चुना है. वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रिश्तेदार नहीं है जिस वजह से उन्हें मंत्री बना दिया गया हो. खान ने कहा, ‘‘अगर मैंने उन्हें (सैट) को हराने की कोशिश की थी तो उन्हें फौरन आला कमान से शिकायत करनी चाहिए थी. वह अब चुनाव के तकरीबन एक महीने बाद इसे क्यों उठा रहे हैं.’’

उन्होंने कहा कि पार्टी के पर्यवेक्षक भी वहां थे, उन्हें भी पता होता. क्या अब ऐसे आरोप लगाना सही है? पूर्व मंत्री सैट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को नेतृत्व देने में उपेक्षा की है. उन्होंने यू टी खादेर और खान को मंत्री बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई है और समुदाय को नेतृत्व प्रदान करने में उनकी क्षमता पर सवाल उठाया.