नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इशारा किया है कि भारतीय जवानों ने पाकिस्तान की तरफ से हो रहे हमले और घुसपैठ का करारा जवाब दिया है. सांबा जिले के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर शहीद नरेंद्र सिंह की हत्या पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, कुछ हुआ है. मैं बताऊंगा नहीं. ठीक-ठाक हुआ है. विश्वास रखना ठीक-ठाक हुआ है दो-तीन दिन पहले. और आगे भी देखिएगा क्या होगा. उनके इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर आतंकियों को मारने की कार्रवाई (surgical strike) की दूसरी सालगिरह पर भारतीय सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान को कुछ ऐसी ही जवाब दिया है.

गृहमंत्री ने कहा, मैंने अपने बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स के जवानों से कहा था कि पड़ोसी हैं. पहली गोली मत चलाना. लेकिन एक भी गोली उधर से चल जाती है तो फिर अपनी गोलियों को मत गिनना. बता दें कि गृहमंत्री के इस बयान के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक की ही तरह एक और कार्रवाई की है.

दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा, राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक महत्व का होगा और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की फिर से स्थापना में मदद करेगा. राज्य की दो प्रमुख पार्टियों ने इस चुनाव का बहिष्कार किया है. गृहमंत्री ने एक बयान में कहा कि केन्द्र सरकार पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय बलों सहित सभी संभावित सहायता मुहैया कराएगी.उन्होंने कहा, इन स्थानीय निकाय चुनावों का कई मायनों में ऐतिहासिक महत्व होगा. जम्मू कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव से राज्य में लंबे समय से अपेक्षित जमीनी स्तर का लोकतंत्र फिर से स्थापित होगा.

जम्मू कश्मीर में अगले महीने 4,130 सरपंचों (ग्राम प्रधान), 29,719 पंचों (पंचायत सदस्य) और 1,145 वार्ड आयुक्तों के लिए चुनाव होगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने चुनाव के बहिष्कार का निर्णय किया है. उनका कहना है कि केन्द्र सरकार ने अभी तक अनुच्छेद 35 ए पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है जिसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी है.उन्होंने कहा कि पंचायतों को और मजबूत करने के लिए लेखाकार, डेटा एंट्री ऑपरेटर, प्रखंड पंचायत निरीक्षक तथा इसी तरह के अतिरिक्त पदों को मंजूरी दी जा रही है.