Somnath Swabhiman Parv: देश में कभी भी ज्योतिर्लिंग का जिक्र होता है तो सबसे पहला नाम सोमनाथ मंदिर (Somnath Mandir) का आता है. गुजरात के वेरावल के पास प्रभास पाटन में समंदर किनारे खड़ा यह मंदिर देश की धन-धान्य और आस्था का प्रतीक है. सोमनाथ मंदिर को महमूद गजनवी से लेकर औरंगजेब तक कई मुस्लिम आक्रांताओं ने बार-बार निशाना बनाया, लेकिन भगवान शिव का यह मंदिर आज भी भारत का समृद्ध इतिहास और आस्था की अटूट शक्ति का प्रतीक बनकर खड़ा है.
सोमनाथ मंदिर की स्थापना के 1,000 साल पूरे हो रहे हैं. संयोग से 2026 में ही सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल भी पूर्ण होने वाले हैं. 11 मई, 1951 को इस भव्य मंदिर का पुनर्निर्माण संपन्न हुआ था और फिर यह भक्तों के लिए खुला था. इस वजह से इस मौके को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में मनाया जा रहा है. इस मौके पर PM मोदी 11 जनवरी को खुद गांधीनगर पहुंचेंगे और ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में शामिल होंगे.
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व (What Is Somnath Swabhiman Parv) की शुरुआत गुरुवार 8 जनवरी से हो चुकी है. तीन दिनों तक चलने वाले इस पर्व में 72 घंटे तक सामूहिक तौर पर ओमकार नाद गुंजेगा. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 10 जनवरी को गुजरात पहुंचेंगे. पीएम मोदी वहां 12 जनवरी तक रुकेंगे. PM मोदी ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ को लेकर ट्वीट भी किया है.
जय सोमनाथ!
वर्ष 2026 में आस्था की हमारी तीर्थस्थली सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। बार-बार हुए हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है! सोमनाथ दरअसल भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा है,…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 5, 2026
PM मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘जय सोमनाथ! वर्ष 2026 में आस्था की हमारी तीर्थस्थली सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं. बार-बार हुए हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है! सोमनाथ दरअसल भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा है, जिनके लिए अपनी संस्कृति और सभ्यता सदैव सर्वोपरि रही है.

हर साल लगभग 97 लाख श्रद्धालु सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं. साल 2020 से 2024 तक वार्षिक अनुमानित 97 लाख श्रद्धालु सोमनाथ के दर्शन के लिए आए हैं. बिल्व पूजा के लिए पिछले 2 वर्ष में श्रद्धालुओं की संख्या 13.77 लाख रही है. बीते 2 वर्ष में श्रद्धालुओं की संख्या 13.77 लाख दर्ज की गई, जिसमें महाशिवरात्रि-2025 के दौरान 3.56 लाख श्रद्धालु आए थे. गूगल पर भारतीयों द्वारा सर्वाधिक सर्च किए गए शीर्षस्थ 10 स्थानों में भी सोमनाथ शामिल है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार सोमनाथ में आने वाले भक्तों का रिकॉर्ड टूट सकता है.
इसके अलावा, 2025 में सोमनाथ की सोशल मीडिया इम्प्रेशन 1.37 अरब को पार कर गई है, जो विश्वभर के भक्तों में सोमनाथ के प्रति श्रद्धा एवं आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है. भारत की आस्था तथा स्वाभिमान का प्रतीक सोमनाथ मंदिर विकसित भारत के निर्माण के लिए भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.
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