लखनऊ: राजधानी लखनऊ में हिन्दु समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में गुजरात के सूरत जिले के निवासी तीन लोगों समेत कुल पांच लोगों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया है. हालांकि अब हिंदू महासभा के पूर्व प्रमुख कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में यूपी सरकार की जांच पर अविश्वास व्यक्त करते हुए उनके बेटे सत्यम तिवारी ने इस मामले की एनआईए जांच की मांग की. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी करे. हमें किसी पर भरोसा नहीं है. मेरे पिता को मार दिया गया जबकि उनके पास सुरक्षा गार्ड थे. हम प्रशासन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं?”


हिंदू महासभा के पूर्व प्रमुख कमलेश तिवारी की शुक्रवार दोपहर को नाका हिंडोला इलाके में उनके लखनऊ स्थित आवास पर निर्मम हत्या कर दी गई. अपराध में शामिल होने वाले तीन आरोपी मौलाना मोहसिन शेख, फैजान और खुर्शीद अहमद पठान हैं. उनकी जांच यूपी और गुजरात पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है. पुलिस ने कहा है कि 2015 में पैगंबर मोहम्मद पर तिवारी का “उकसाने वाला भाषण” हत्या के पीछे का कारण था. पुलिस ने भी पुष्टि की कि यह एक सुनियोजित हत्या थी.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को हिंदू समाज पार्टी के प्रमुख कमलेश तिवारी के परिवार के सदस्यों से मिलने का फैसला किया है. तिवारी की ‘सुनियोजित’ हत्या पर बोलते हुए, सीएम आदित्यनाथ ने कहा, “कमलेश हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष थे. हमलावर कल लखनऊ में उसके घर आए, बैठकर उसके साथ चाय पी और बाद में बाजार से कुछ खरीदने के लिए सभी सुरक्षा गार्डों को भेजने के बाद उसकी हत्या कर दी.” बता दें कि तिवारी 2015 में उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी.