नई दिल्ली: विश्व में वेश्यावृति के लिए कई ऐसे स्थान हैं जो काफी प्रसिद्ध हैं. पश्चिम बंगाल का सोनागाछी इलाका एशिया का सबसे बड़ा वेश्यावृति का क्षेत्र है. यहां अगर आंकड़ों की बात करें तो लगभग 10,000 से अधिक सेक्स वर्कर यहां काम कर रही हैं. साथ ही कई मेल वर्कर भी वेश्यावृति के धंधे में लिप्त हैं. सोनागाछी नॉर्थ कोलकाता के शोभाबाजार क्षेत्र में स्थित है. Also Read - School Reopen in West Bengal Latest Update: पश्चिम बंगाल में कब खुलेंगे कॉलेज, विश्वविद्यालय? शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा बयान

सोनागाछी का बांग्ला भाषा में मतलब होता है सोने का पेड़. किवदंतियों के मुताबिक कलकता शहर के शुरुआती दिनों में एक कुख्यात डकैत था जो अपन मां के साथ यहां रहा करता था. उनकी मृत्यु के बाद यह कहा जाता है कि उसने अपनी झोपड़ी में एक आवाज सुनी थी. इसमें कुख्यात डाकू अपनी मां से कहता है कि मां मैं एक गाजी बन गया हूं. यहीं से सोना गाजी की शुरुआत हुई. यहां डकैत ने अपनी मां की याद में एक मस्जिद का निर्माण करवाया. हालांकि बाद में सोना गाजी क्षेत्र काफी व्यस्तम हो गया और सोनागाजी परिवर्तित हो गया सोनागाछी में. Also Read - Latest Railways News: रेलवे इस राज्‍य में 2 दिसंबर से चलाएगा 54 ट्रेनें

बता दें कि हर साल पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के दौरान मूर्ति निर्माण में इन क्षेत्रों की मिट्टियों को मां की मूर्ति में शामिल किया जाता है. लेकिन कोरोना महामारी ने सोनागाछी में वेश्यावृति में लिप्त लोगों की कमर तोड़ दी है. यहां के 89 प्रतिशत सेक्स वर्कर कोरोना महामारी के दौरान कर्ज के तले दबे हुए हैं. साथ ही महामारी के कारण सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लोग खुद भी सोनागाछी का रुख नहीं कर रहे हैं. Also Read - West Bengal Latest News: 50 से ज्‍यादा TMC नेता बीजेपी में होंगे शामिल, भाजपा सांसद का दावा

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एनजीओ के डाटा के मुताबिक यहां 89 प्रतिशत सेक्स वर्कर कर्ज के जाल में फंसी हुई हैं. उन्होंने जीवनयापन के लिए दलालों और वेश्यालयों के मालिकों से उधार लिया है. इस कारण उनका शोषण और हो सकता है. रिपोर्ट की मानें तो 73 फीसदी सेक्स वर्कर देह व्यापार को त्यागना भी चाहती है, लेकिन वह चाहकर भी ऐसा नहीं कर पाती हैं, क्योंकि उनके उपर काफी कर्ज है और उन्हें भविष्य में समाज द्वारा न स्वीकारे जानें डर भी रहता है.