सोनम वांगचुक का राहुल गांधी पर अनदेखी का आरोप, बोले- उनके साथ तोड़ना चाहता था अनशन लेकिन...
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि वह जंतर-मंतर पर चल रहे अपने अनशन के 26 वें दिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समर्थन से तोड़ना चाहते थे लेकिन नेता प्रतिपक्ष ने उन्हें निराश कर दिया.
राहुल गांधी और सोनम वांगचुक @Instagram से
- राहुल गांधी से जूस पीकर अनशन तोड़ना चाहते थे वांगचुक
- गीतांजलि वांगचुक ने की थी राहुल गांधी को जंतर-मंतर लाने की कोशिश
- कांग्रेस के ईको-सिस्टम ने वांगचुक और उनकी पत्नी को किया खूब ट्रोल
- केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से इसलिए नाराज हैं वांगचुक
देश के जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को सवालों में घेरा है. उन्होंने कहा कि जब वह अनशन पर थे तो उनकी पत्नी ने राहुल गांधी से बातचीत की कोशिश की थी, वह चाहती थीं कि अनशन खत्म करने के लिए राहुल गांधी मुझे जूस ऑफर करें. गीतांजलि वांगचुक ने अनशन के 26वें कांग्रेस नेता से बातचीत की कोशिश की थी, ताकि जंतर-मंतर पर यह अनशन खत्म हो, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्म जवाब नहीं मिला.
'राहुल गांधी से नहीं मिला पॉजिटिव रेस्पॉन्स'
वांगचुक ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, 'हमने सोचा था कि राहुल गांधी जी के जरिए मैं अपना अनशन खत्म करूंगा और गीतांजलि उस पर ही काम कर रही थीं. वह इस पर मेहनत से काम कर रही थीं कि राहुल जी मेरा अनशन खत्म कराने के लिए वहां आ सकें लेकिन उन्हें पॉजिटिव उत्तर नहीं मिला.'
'केंद्रीय मंत्रियों ने भी तोड़ा वादा'
इस बातचीत में वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह पर भी भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रियों ने यह वादा किया था कि वे तब तक मेरे अनशन तोड़ने की वे तस्वीरें रिलीज नहीं करेंगे, जिसमें वे मुझे सूप पिला रहे हैं.जब तक मैं विपक्ष और छात्र नेताओं के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर यह घोषणा नहीं करता हूं.' वांगचुक ने कहा, 'उन्होंने वादा किया था कि तस्वीरें रिलीज नहीं करेंगे और उन्होंने वह वादा तोड़ दिया. तो मेरा इन सभी नेताओं से भरोसा उठ चुका है.'
वांगचुक बोले- देर से पहुंचे नेता
उन्होंने यह भी कहा कि नेता जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में बहुत कम संख्या में आए और बहुत देर से भी पहुंचे थे. उन्होंने आगे कहा, 'जैसा कि मैंने कहा, जंतर-मंतर पर बहुत कम नेता आए और बहुत देर से पहुंचे थे. इसलिए जब उन्होंने उनके बारे में कोई टिप्पणी की, तो वह निराशा उनके मन में भी थी.'
कांग्रेस ईको-सिस्टम ने वांगचुक को किया ट्रोल
वांगचुक की पत्नी ने जब राहुल गांधी की आलोचनाएं शुरू कीं तो कांग्रेस के ईको सिस्टम ने उन्हें और वांगचुक को ट्रोल करना शुरू कर दिया. इस पर वांगचुक ने कहा कि राहुल के बारे में उनकी पत्नी की आलोचना के पीछे कुछ हद तक उनकी अपनी निराशा भी थी. प्रधानमंत्री के घर के बाहर राहुल के प्रदर्शन करने पर जब गीतांजलि ने सवाल उठाए तो सोशल मीडिया पर उन्हें टारगेट किया जा रहा था.
नेताओं से निराश हूं: वांगचुक
उन्होंने कहा, 'मेरी पत्नी ने इस दौरान बीजेपी और हिंदुत्व ताकतों के खिलाफ भी कई बयान दिए थे. उन्होंने तब 4 या 5 बार बीजेपी के खिलाफ बहुत ही सख्त टिप्पणियां की थीं. उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन कांग्रेस के ईको-सिस्टम ने उन्हें और मुझे ट्रोल करना शुरू कर दिया. मैं नेताओं से बहुत निराश हूं. उन्हें अपने नजरिए को लेकर इतना संकीर्ण नहीं होना चाहिए.'
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