नई दिल्ली: देश की सियासत में इस वक्त राफेल विमान खरीदी को लेकर मामला दिनों दिन गर्माता जा रहा है. इसी क्रम में शुक्रवार को यूपीए की चेयपर्सन और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में बीजेपी नीत एनडीए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. कांग्रेस समेत कई दलों का आरोप है कि राफेल लड़ाकू विमान समझौते में कई खामियां हैं और इनका फायदा उठाकर बड़े घोटोले को अंजाम दिया गया है. लेकिन जब गांधी से ट्रिपल तलाक को आज राज्यसभा में पेश करने की तैयारी के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा, ” इस मुद्दे पर हमारी पार्टी की स्थिति बिल्कुल साफ है. मैं इस पर आगे कुछ नहीं कहूंगी”.

मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्षी दलों के सांसदों के बीच सोनिया गांधी भी प्रदर्शन में मौजूद रहीं. सोनिया की अगुवाई में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया. इनमें कांग्रेस समेत अन्य दलों के एमपी शामिल थे.

इनमें राज बब्बर, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी, भाकपा के डी. राजा, आप सांसद सुशील गुप्ता समे अन्य सहित विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया और इस मुद्दे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की.

बता दें कि गुरुवार को लोकसभा में जेपीसी द्वारा राफेल समझौता मामले में जांच और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जवाब की मांग करते हुए कांग्रेस सांसदों ने हंगामा किया था, जिसके कारण संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी.