नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बड़ा ऐलान किया है . उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट के समय देश में अलगअलग जगहों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का खर्चा कांग्रेस पार्टी उठाएगी. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश ने इतना बड़ा संकट देखा है और ऐसे समय में हर किसी को एक साथ होकल लड़ाई लड़नी है. उन्होंने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि जिनके पास आज खाने के लिए पैसे नहीं है वो किराया कैसे दे सकते हैं. Also Read - इस दिन खुलेगा प्रसिद्ध बालाजी मंदिर, हर दिन 6,000 भक्त कर पाएंगे दर्शन

उन्होंने कहा कि इस संकट में घर वापस जा रहे मजदूरों के रेल खर्चा का वहन कांग्रेस पार्टी करेगी. उन्होंने ट्वीट करते हुए बाताया कि ‘ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी ने यह फैसला लिया है कि पार्टी मजदूरों के वापसी का रेल खर्च उठाएगी और इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई श्रमिकों के वापसी के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी. Also Read - कोविड-19 की भेंट चढ़ा हैदराबाद ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट, कोच पुलेला गोपीचंद ने किया रिएक्ट

वहीं कांग्रेस पार्टी ने इसके साथ ही केंद्र सरकार पर हमला बोला है. सोनिया गांधी ने रेलवे के उस बयान पर भी आपत्ती जताई जिसमें रेलवे ने राज्यों से श्रमिकों के वापसी का खर्चा लेने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि जब रेलवे पीएम केयर्स फंड में 151 करोड़ दान दे सकता है तो क्या वो हमारे श्रमिकों को घर वापस नहीं पहुंचा सकता.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मजदूरों के रेल टिकट का खर्चा अब भारतयी कांग्रेस पार्टी उठाएगी और इसके लिए हर प्रदेश की कांग्रेस कमेटी को निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही मजदूरों की वापसी के लिए निःशुल्क यात्रा का मुद्दा उठाती रही है.

उन्होंने कहा कि श्रमिक हमार देश की रीढ़ की हड्डी हैं और वे अपनी मेहनत से देश की नीव को मजबूत बनाते हैं , सिर्फ चार घंटे के नोटिस में पूरे देश सें लॉकडाउन लग गया जिससे लाखों की तादात में श्रमिक फंस गए और 1947 के बाद यह पहला ऐसा मौका था जब हजारों श्रमिक सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर हो गए. उन्होंने कहा कि उनके जीवन जीने के लिए आवश्यक सामान भी नहीं है. ऐसे में उनकी हालत सोंचकर ही मन कांप जाता है.

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दुख की बात यह है कि केंद्र सरकार और रेलवे ऐसे मेहनतकश मजूदूरों से किराया वसूलने की बात कर रही है. उन्होेंने कहा कि जब विदेश में फंसे लोगों को अपना फर्ज समझ कर हवाई यात्रा से लाया जा सकता है तो फिर देश के विभिन्न शहरों के उन्हें घर क्यूं नहीं पहुचाया जा सकता.