नई दिल्ली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए शिवसेना को समर्थन देने से इनकार किया है. सूत्रों ने यह बात यहां सोमवार को बताई. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सरकार गठन की शर्तो को लेकर सहयोगी शिवसेना के साथ भाजपा की चल रही तकरार के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के नई दिल्ली आकर सोनिया से मिले. सोनिया का बयान आने के बाद इस अटकल पर विराम लग गया कि कांग्रेस-राकांपा गठबंधन शिवसेना को समर्थन दे सकता है.

सोनिया से मुलाकात के बाद पवार ने इस मुद्दे पर कोई खुलासा नहीं किया.

राकांपा प्रमुख के साथ बैठक के बाद पार्टी नेता अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से कहा, “कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है. सरकार बनाने के लिए हमारे पास संख्या बल भी नहीं है, जिनके पास संख्या बल है, उन्हें सरकार बनानी चाहिए.”

इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को अमित शाह से मुलाकात की वहीं राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की जबकि शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्यपाल से भेंट की. लेकिन इसके बाद भी राज्य में नयी सरकार के गठन को लेकर कोई स्पष्ट स्थिति बनती नहीं दिखी हालांकि विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए 11 दिन हो चुके हैं. दिल्ली में सोनिया गांधी के साथ मुलाकात के बाद पवार ने राज्य का मुख्यमंत्री बनने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया.

यह पूछे जाने पर कि क्या राकांपा शिवसेना को समर्थन देने पर विचार कर रही है, पवार ने कहा, ‘‘शिवसेना की ओर से किसी ने भी मुझसे इस बारे में संपर्क नहीं किया है. हमें (राकांपा को) विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है. इस होड़ में शामिल होने के लिए हमारे पास पर्याप्त संख्या नहीं है.’’