
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने मनरेगा योजना को गरीब, वंचित और अतिगरीब लोगों के लिए रोजगार का एक स्थायी साधन बताया. कांग्रेस नेता ने कहा बहुत अफसोस की बात है कि सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया. आपको बता दें संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार मनरेगा की जगह वीबी-जीरामजी बिल लेकर आई, जिसे पहले लोकसभा से और फिर राज्यसभा से पारित करवा लिया गया.
सोनिया गांधी ने देश के नाम संदेश जारी करते हुए बताया कि मनरेगा (MGNREGA) कानून ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. रोजगार का कानूनी हक मिलने से गरीबों और भूमिहीन श्रमिकों को अपने गांव में ही काम करने का अवसर मिला. इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास हुआ, सड़कों, जल निकासी और अन्य आधारभूत ढांचों के निर्माण में मदद मिली. कानून ने न सिर्फ आर्थिक सुरक्षा प्रदान की, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण में भी योगदान दिया. इससे गांवों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान यह योजना गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुई, लेकिन हाल ही में सरकार ने इसे बदलकर उसके मूल स्वरूप को नष्ट कर दिया. उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया और रोजगार के नियमों को बिना किसी विचार-विमर्श या विपक्ष की सहमति के मनमाने तरीके से बदला गया. अब निर्णय कि किसको कितना और कहां रोजगार मिलेगा, जमीनी हकीकत के बजाय दिल्ली में बैठे अधिकारियों द्वारा तय किया जाएगा.
सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून को लाने और लागू करने में कांग्रेस का बड़ा योगदान रहा. लेकिन यह कभी भी किसी राजनीतिक दल का मामला नहीं था. यह योजना पूरी तरह से देश और जनहित से जुड़ी थी. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इसे कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन गरीबों के हितों पर हमला किया है. कांग्रेस पूरी तरह से इस हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार है और देश के गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
कांग्रेस नेता ने अपने संदेश में यह भी कहा कि 20 साल पहले उन्होंने भी गरीब भाई-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया था और आज भी वे इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि उनके जैसे कांग्रेस के सभी नेता और लाखों कार्यकर्ता देश के गरीबों के साथ खड़े हैं. उनका संदेश स्पष्ट था कि मनरेगा के अधिकार और ग्रामीण वर्ग के हितों के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी और इसका समर्थन जारी रखेगी.
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