नई दिल्‍ली: राजस्‍थान के कोटा के एक अस्‍पताल में 100 नवजात बच्‍चों की मौत को लेकर, जहां राजस्‍थान की गहलोत सरकार घिर गई है, वहीं, कई राजनीतिक दलों के निशाने पर कांग्रेस और पार्टी का नेतृत्‍व आ गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जहां राजस्‍थान में पार्टी के प्रभारी अविनाश पांडे को तलब कर रिपोर्ट ली है. वहीं, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने एक उच्‍चस्‍तरीय टीम भेजी है. विशेषज्ञों की यह टीम कल शुक्रवार को कोटा पहुंचेगी. वहींं, सीएम अशोक गहलोत ने कहा-  नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है,उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है.

बता दें कि आज गुरुवार को यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, बीएसपी सुप्रीमो मायावती न केवल राजस्‍थान सरकार की आलोचना की, बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्‍व को भी घेरा है.

बता दें कि कोटा जिले के जेके लोन अस्पताल में दिसंबर के अंतिम दो दिन में 10 और शिशुओं की मौत हो गई. इसके साथ ही इस महीने अस्पताल में मरने वाले शिशुओं की संख्या करीब 100 हो गई है. गत 23-24 दिसंबर को 48 घंटे के भीतर अस्पताल में 10 शिशुओं की मौत को लेकर काफी हंगामा हुआ था. हालांकि, अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि यहां 2018 में 1,005 शिशुओं की मौत हुई थी और 2019 में उससे कम मौतें हुई हैं.

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय विशेषज्ञों की टीम भेज रहा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट किया, “स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भेजी जा रही उच्च स्तरीय टीम में एम्स जोधपुर, स्वास्थ्य वित्त और क्षेत्रीय निदेशक, स्वास्थ्य सेवा जयपुर के विशेषज्ञ शामिल हैं. यह कल कोटा पहुंचेगा. ”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सीएम गेहलोत से बात की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट किया, “मैंने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत जी से बात की है और उन्हें कोटा में होने वाली मौतों को रोकने के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है. हमारे मंत्रालय द्वारा शीर्ष बाल रोग विशेषज्ञों की बहु-अनुशासनात्मक विशेषज्ञ टीम को विश्लेषण और त्वरित उपायों के लिए भेजा जा रहा है.

योगी आदित्यनाथ ने गहलोत और प्रियंका पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान के कोटा में मासूम बच्चों की मौत को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अत्यंत क्षोभ है कि दोनों महिलाएं होकर भी माताओं का दुःख नहीं समझ पा रहीं. योगी आदित्यनाथ के कार्यालय की ओर से आज एक के बाद एक किए गए कई ट्वीट में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर भी निशाना साधा गया है.

100 मासूमों की मौत हृदय विदारक, और संवेदनाओं पर धब्बा है
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, ”(राजस्थान के) कोटा में करीब 100 मासूमों की मौत बेहद दुःखद और हृदय विदारक है. माताओं की गोद उजड़ना सभ्य समाज, मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं पर धब्बा है.’’

सोनिया, प्रियंका महिला होकर भी माताओं का दुःख नहीं समझ पा रहीं
योगी ने कहा, ”अत्यंत क्षोभ है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा महिला होकर भी माताओं का दुःख नहीं समझ पा रहीं.’’ योगी ने एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस महासचिव पर निशाना साधते हुए कहा है, ”(प्रियंका गांधी) वाड्रा अगर यू.पी. में राजनीतिक नौटंकी करने की बजाय उन गरीब पीड़ित माताओं से जाकर मिलतीं, जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही की वजह से सूनी हो गई है, तो उन परिवारों को कुछ सांत्वना मिलती.”

इनको किसी की न चिंता है, न कोई संवेदना
ट्वीट में कहा गया है, इनको किसी की न चिंता है, न कोई संवेदना. (प्रियंका को) जनसेवा नहीं सिर्फ राजनीति करनी है.” उन्होंने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार, वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उदासीनता, असंवेदनशीलता व गैर-जिम्मेदाराना रवैया और इस मामले में उनका चुप्पी साधे रहना मन दुखी कर देने वाला है.

सोनिया ने कांग्रेस प्रभारी से जानकारी ली, गहलोत सरकार ने रिपोर्ट भेजी
बच्चों की मौत मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे से वहां की स्थिति और अशोक गहलोत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी ली.कोटा के अस्पताल में बच्चों की मौत को लेकर दुख जाहिर करते हुए सोनिया ने पांडे के माध्यम से स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की. पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष के पास एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है.

सीएए से ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा: गहलोत
कोटा में हुई बच्चों की मौत पर राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने कहा-  नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है,उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है. मैं पहले ही कह चुका हूं कि इस साल शिशुओं की मौत के आंकड़ों में पिछले कुछ सालों की तुलना में काफी कमी आई है.