नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि का निमंत्रण अस्वीकार किए जाने के बाद अफ्रीक के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा इस समारोह के चीफ गेस्ट होंगे. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस साल फरवरी में राष्ट्रपति बने रामाफोसा ने भारत का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 26 जनवरी 2019 को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि का निमंत्रण ठुकरा दिया था. ट्रंप ने अपनी व्यस्तता को इसकी वजह बताया था. ट्रंप स्टेट ऑफ यूनियन को संबोधित करेंगे जो कि 22 जनवरी से फरवरी के पहले सप्ताह के बीच कभी भी हो सकता है. Also Read - पीएम मोदी के Lockdown वाले भाषण ने तोड़े पिछले रिकॉर्ड, जानेंं कितने करोड़ लोगों ने देखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अमेरिका की यात्रा के दौरान ट्रंप को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था. इससे पहले 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी तमाम व्यस्तताओं के बीच समय निकाल कर रिपब्लिक डे परेड में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए थे. Also Read - PM मोदी ने कहा, RBI की घोषणाएं अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाएंगी

नेल्सन मंडेला चाहते थे कि रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के रूप में उनकी जगह लें. रामाफोसा को महात्मा गांधी का अनुयायी माना जाता है. साऊथ जोहान्सबर्ग के भारतीय टाउनशिप लेनासिया में इस साल अप्रैल में हुए वार्षिक ‘गांधी वॉक’ में रामाफोसा ने लगभग 5,000 लोगों का नेतृत्व किया था. इस रैली का मकसद समुदाय में जागरूकता और फिटनेस को बढ़ावा देना था. यह पहली बार था जब पद पर रहते हुए किसी राजनेता ने इस रैली को लीड किया हो. इस रैली का यह 33 वां संस्करण था. Also Read - सोनिया गांधी ने पीएम का समर्थन किया, कहा- लॉकडाउन सही लेकिन किसानों-छोटे कारोबारियों को राहत दे सरकार

दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स का एक प्रमुख देश है. पीएम मोदी ने इस साल जून में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रामफोसा से मुलाकात की थी. रामफोसा को आमंत्रित करने का निर्णय महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के साथ भी जुड़ा हुआ है. भारत सरकार उत्सव मनाने के लिए इस नेता के पास पहुंची. प्रवासी भारतीय दिवस, जिसे दक्षिण अफ्रीका से गांधी के घर वापसी के जश्न के रूप में मनाया जाता है, इसे जनवरी के आरंभ से दूसरी छमाही तक ले जाया गया ताकि गणतंत्र दिवस समारोहों के साथ इसे सेलिब्रेट किया जा सके.

गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि होने का निमंत्रण भारतीय सरकार के परिप्रेक्ष्य से बेहद प्रतीकात्मक है. 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस के मौके पर चीफ गेस्ट का चयन करने में रणनीतिक, राजनयिक, व्यावसायिक हित और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति मुख्य भूमिका निभाते हैं. इस साल आसियान देशों के 10 नेता मुख्य अतिथि थे.तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, फ्रांस के राष्ट्रपति होलांद और अबू धाबी शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नहयान गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि रहे हैं.