हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट यानी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने मंगलवार को साउथ चाइना सी डिस्प्यूट पर चीन के खिलाफ फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि इस इलाके पर चीन का कोई ऐतिहासिक हक नहीं हैं। इससे पहले चीन यहां के 90% हिस्से पर अपना दावा करता आ रहा था।

फिलीपींस ने चीन के खिलाफ पिटीशन दायर की थी। फिलीपींस का आरोप था कि स्ट्रैटजिकली अहम माने जाने वाले इस इलाके में चीन ने रिसोर्सेस का जरूरत से ज्यादा यूज किया है। हालांकि चीन ने सुनवाई से ये कहते हुए बायकॉट किया कि इस मुद्दे पर फैसला सुनाना, हेग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

चीन का ये दावा करना कि साउथ चाइना सी पर उसका ऐतिहासिक हक है, कतई सही नहीं कहा जा सकता। चीन ने आइलैंड के स्कारबरो शोल (उथले पानी)-स्प्रैटली आइलैंड ग्रुप पर फिलीपींस के फिशिंग राइट्स में बाधा डाली। चीन को स्प्रैटली आइलैंड पर एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन बनाने का भी कोई हक नहीं। यह भी पढ़ें: चीन : चाइना यूनीकॉम समुद्र में अंतर्राष्ट्रीय केबल लाइन बिछाएगी

चीन ने धीरे-धीरे साउथ चाइना सी पर अपना कब्जा कर लिया था। उसने वहां न केवल आर्टिफिशियल आइलैंड बना लिया बल्कि बड़ी तादाद में आर्मी डिप्लॉय की। वहां हवाई पट्टी भी बना ली। चीन के साउथ चाइना सी में दबदबे को लेकर अमेरिका भी लगातार विरोध करता रहा है। बता दें कि चीन और अमेरिका दोनों ही साउथ चाइना सी में लगातार एक्सरसाइज करते रहते हैं।

फिलीपींस ने 2013 में इंटरनेशनल कोर्ट में चीन के खिलाफ केस दायर किया था। फिलीपींस ने अपने 15 प्वाइंट्स में चीन के साउथ चाइना सी में स्टेटस पर सवाल उठाए थे।फिलीपींस ने कहा था कि चीन ने स्कारबरो शोल और स्प्रैटली आइलैंड ग्रुप में उसके राइट्स को नुकसान पहुंचाया था। चीन, साउथ चाइना सी में अपने कब्जे को ‘नाइन-डैश लाइन’ बताता है। फिलीपींस का दावा है कि बीते 69 साल से चीन का साउथ चाइना सी के 85% हिस्से पर कब्जा हो चुका है।
इंटरनेशनल कोर्ट ने अपने फैसले में यूएन कन्वेंशन ऑन लॉ ऑफ द सी (UNCLOS) को आधार बनाया। 1982 में बने UNCLOS के मुताबिक कोई भी देश अपनी टेरिटोरियल सोवेरिनटी बरकरार रखते हुए सामुद्री सीमा के अंदर एक्टिविटी कर सकता है। UNCLOS के मुताबिक, आइलैंड में 12 नॉटिकल माइल की रेडियस में कोई भी देश अपनी एक्टिविटीज रख सकता है। फिलीपींस ने सुनवाई में कहा था कि एक्स्ट्रा 200 नॉटिकल माइल तक फिशिंग या दूसरी गतिविधियों की परमीशन दी जानी चाहिए।

News Source: bhaskar.com