दिल्ली : केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना की तर्ज पर हरियाणा की एतिहासिक विरासतों के इर्द गिर्द पर्यटन को विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिये हरियाणा के दक्षिणी इलाके में माधोगढ़ – महेंद्रगढ़ – नारनौल – रेवाड़ी और उनके आस पास के इलाकों में ऐतिहासिक विरासतों के आधार पर क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए इस इलाके को जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने की योजना है. जिससे थीम आधारित पर्यटन का विकास करके बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने में सफलता मिल सकेगी. राज्य के पर्यटन मंत्री राम विलास शर्मा ने कहा कि इस इलाके को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्री के जे अल्फोंस से भी दिल्ली में चर्चा कर चुके हैं. शर्मा ने कहा कि इस बारे में अगली बैठक अधिकारियों के साथ माधोगढ़ किले में सोमवार को होनी है. अरावली पर्वत की माधवगढ़ पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित इस किले में बैठक का मकसद इस परियोजना के लिए खाका खींचना है. उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना को 2014-15 में शुरु किया, जिसका मकसद भारत में थीम आधारित पर्यटन का विकास करना है.
गौरतलब है कि हरियाणा का इलाका एतिहासिक विरासतों का बहुत समृद्ध क्षेत्र है  जिसका पर्यटन की दृष्टि से बहुत अच्छा उपयोग किया जा सकता है. लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया है. उम्मीद है कि थीम पर्यटन कोआधार बना कर हरियाणा के एतिहासिक  विरासतों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की इस योजना से पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा ही साथ ही एतिहासिक महत्व के स्मारकों के सरंक्षण का काम भी हो सकेगा. (इनपुट एजेंसी )
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