शिलांग: मेघायल के शहर शिलांग के कुछ हिस्सों में शनिवार को दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा. यहां रात भर चली हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने एक दुकान और एक मकान को आग के हवाले कर दिया और कम से कम पांच वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. इस हिंसा में एसपी सिटी भी घायल हो गए. इसके अलावा भी 10 लोग घायल हुए हैं. ड्यूटी पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि एसपी ( सिटी) स्टीफन रिंजा पर एक रॉड से वार किया गया, जिसके बाद उन्हें शिलांग सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. शहर के 14 इलाकों में कर्फ्यू जारी है और इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड हैं.

हिंसा में पुलिसकर्मी समेत कम से कम 10 लोग घायल हो गए, जिसके बाद इलाके में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठने लगी. वहीं, शहर के अशांत मोटफ्रन इलाके में पत्थरबाजों ने राज्य पुलिसकर्मियों पर हमला किया. दंगाईयों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन दूसरे हिस्से के लोगों ने इसे पुलिस की गोलीबारी समझ लिया.

14 इलाकों में कर्फ्यू
जिले के उपायुक्त पीएस दकहर ने बताया कि लुमदियेंगज्री पुलिस थाना और कैंटोनमेंट बीट हाउस क्षेत्र के तहत आने वाले 14 इलाकों में शुक्रवार सुबह चार बजे से लगाया गया कर्फ्यू अब भी जारी है. पूर्वी खासी हिल्स के जिला अधिकारियों ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में शुक्रवार रात 10 बजे से सुबह के पांच बजे तक कर्फ्यू लगाया गया.

आरोपियों की तलाश जारी
तीन स्थानीय लड़कों के साथ हुई मारपीट में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके साथियों की तलाश की जा रही है.

सीएम ने की शांति की अपील
मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और शिलांग में स्थिति सामान्य बनाने की अपील की.

सोशल मीडिया पर फैलाई अफवाहें
अधिकारियों ने बताया कि इस झड़प ने तब और उग्र रूप ले लिया, जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि घायल सहायक की मौत हो गई जिससे थेम मेटोर में बस चालकों का समूह इकट्ठा हो गया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

इंटरनेट सेवा निलंबित
अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को शनिवार को भी निलंबित रखा गया है. राज्य सरकार इसपर शनिवार को फैसला लेगी

छात्रसंघ ने अवैध लोगों को हटाने की मांग की
इस बीच खासी छात्र संघ (केएसयू), फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपुल (एफकेजेजीपी) और हनीट्रेप यूथ काउंसिल ने स्थानीय लड़कों के साथ मारपीट में शामिल लोगों को सजा दिलाने और थेम मेटोर में अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाने की मांग की.

बस कंडक्टर से मारपीट के बाद भड़की थी हिंसा
बता दें गुरुवार को थेम मेटोर इलाके में स्थानीय लोगों के एक समूह ने बस के एक सहायक से पर मारपीट की थी, जिसके बाद झड़प शुरू हो गई थी. बस सहायक और तीन अन्य घायलों को अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. (इनपुट: एजेंसी)