नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की गणित पर चर्चा होने लगी है. दोनों सीटों पर भाजपा की हार में सपा-बसपा के बीच गठजोड़ को एक अहम कारण माना जा रहा है. इसी आधार पर पिछले साल विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा को मिले वोटों की तुलना भाजपा से की जा रही है. Also Read - रक्षा मंत्रालय ने चीनी 'घुसपैठ' से जुड़ी रिपोर्ट वेबसाइट से क्यों हटाई, सरकार बताए वास्तविक स्थिति: कांग्रेस

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में पिछले साल सपा-बसपा को मिले वोटों को अगर जोड़ दिया जाए तो राज्य में भाजपा को भारी नुकसान हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों दलों को मिले वोट उन्हें राज्य की 57 लोकसभा सीटों पर जीत दिला सकती है. वहीं भाजपा को केवल 23 सीटों से संतोष करना पड़ेगा. उपचुनावों में बसपा के समर्थन से सपा उम्मीदवार की जीत के बाद दोनों दल इस गणित पर काम रहे हैं. Also Read - PM मोदी की तारीफ करने पर डीएमके ने MLA को किया निलंबित, सेल्वम पहुंचे बीजेपी ऑफिस

2014 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था तब भाजपा को 80 में से 73 सीटें मिली थीं. इसी तरह पिछले साल विधानसभा चुनाव में भी दोनों दलों न अलग-अलग चुनाव लड़ा था जिसके बदौलत भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला था. लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा को मिले वोटों को मिला दिया जाए तो राज्य की सियाती तस्वीर कुछ और ही बनती है.

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गठजोड़ की स्थिति में 57 सीटों पर जीत सकती है सपा-बसपा

विधानसभा चुनाव में पड़े कुल वोट में से सपा-बसपा को मिले कुल वोट को जोड़ दिया जाए तो राज्य की 80 से में 57 लोकसभा सीटों पर सपा-बसपा को भाजपा की तुलना में औसतन 1.45 लाख अधिक वोट मिले, जबकि भाजपा को केवल 23 लोकसभा सीटों पर औसत बढ़त केवल 58 हजार वोटों की है. गौर करने वाली बात यह है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में इसी भाजपा को 73 लोकसभा सीटों पर औसतन 1.88 लाख वोटों की बढ़त थी. 2014 में भाजपा ने जिन 73 सीटों पर जीत हासिल की थी उसमें से 55 पर उसकी जीत का अंतर एक लाख से अधिक वोटों का था. सपा-बसपा के बीच गठबंधन की स्थिति में अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को जिन 23 सीटों पर जीत दिख रही है उनमें से केवल चार सीटों वराणसी, गाजियाबाद, मथुरा और गौतमबुद्ध नगर में ही उसकी जीत का अंतर एक लाख से अधिक वोटों का दिखा रहा है.

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