#PulwamaNahinBhulenge (नई दिल्ली): पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की आज पहली बरसी है. पूरा देश हमले में शहीद हुए जवानों को याद कर रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम जवानों की शहादत नहीं भूल पाएंगे. वहीं, जम्मू कश्मीर ज़ोन के स्पेशल सीआरपीएफ डीजी ज़ुल्फ़िकार हसन ने पुलवामा हमले को लेकर बयान दिया है. पुलवामा में ज़ुल्फ़िकार हसन ने कहा कि पुलवामा हमले के लिए बड़ी साजिश रची गई थी. जिन्होंने इस हमले में मदद की थी, उन्हें पकड़ा जा चुका है. वहीं, जिन लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया था, उनका हिसाब किया जा चुका है.

पुलवामा की बरसी पर राहुल गांधी के सवाल- हमले से किसको हुआ फायदा, जांच में क्या निकला नतीजा?

जम्मू-कश्मीर ज़ोन के स्पेशल सीआरपीएफ डीजी ज़ुल्फ़िकार हसन (Zulfiquar Hasan, Special CRPF DG Jammu Kashmir Zone) ने ये भी कहा कि इस हमले की जाँच एनआईए (NIA) द्वारा की गई. जितना मुझे पता है, ये जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है. शहीद जवानों के परिवारों का ख्याल रखने की हम पूरी कोशिश कर रहे हैं.

#PulwamaAttack: पीएम मोदी और अमित शाह ने शहीद जवानों को किया याद, कहा- हम शहादत नहीं भूलेंगे

बता दें कि स्पेशल CRPF डीजी ज़ुल्फ़िकार हसन का बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शहीदों को याद करते हुए कई सवाल भी किए हैं. राहुल गांधी ने कहा कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां हुई. इस हमले का जिम्मेदार कौन है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर उंगली उठाई. पुलवामा हमले को लेकर राहुल गांधी ने ट्वीट कर तीन सवाल किए हैं.

#PulwamaAttack: पुलवामा हमले से सदमे में था पूरा देश, आज के दिन ही सपूतों ने दी थी शहादत

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपने ट्वीट में कहा कि आज हम पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 CRPF के जवानों को याद कर रहे हैं. तो हम ये पूछें कि पुलवामा आतंकी हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ है? पुलवामा हमले की जांच में क्या निकला है? पुलवामा हमले को लेकर भाजपा सरकार में अभी तक किसे सुरक्षा में चूक के लिए जवाबदेह ठहराया गया है, जिसकी वजह से यह हमला हुआ. राहुल गांधी ने इन तीनों सवालों के जरिए विवाद खड़ा कर दिया है.

दरअसल, 14 फरवरी 2019 को जम्मू से श्रीनगर की तरफ सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों का एक काफिला आ रहा था. इस काफिले में करीब 38 से 40 गाड़ियां शामिल थीं. जिसमें सीआरपीएफ (CRPF) के 2 हज़ार 500 जवान सवार थे. दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पुलवामा के अवंतिपुरा इलाके के पास इस काफिले में शामिल एक बस हमले की चपेट में आ गई. एक आतंकी ने विस्फोटक से भरी एक कार से जवानों की एक बस में टक्कर मार दी थी. इसके साथ ही एक भयानक विस्फोट हुआ. और सीआरपीएफ की बस के टुकड़े-टुकड़े हो गए. इस बस में सीआरपीएफ (CRPF) की अलग-अलग बटालियन के जवान थे. घटना को अंजाम देने के लिए करीब 200 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था.

इस हमले के बाद पूरा देश सदमे में आ गया था. पूरे देश में मातम छा गया था. इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की थी. पुलवामा हमले की पहली बरसी के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश अपने वीर जवानों की शहादत कभी नहीं भूल पाएगा. गृहमंत्री अमित शाह ने भी शहीदों को याद किया.