
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर काम तेजी से चल रहा है. भारतीय चुनाव आयोग 23 दिसंबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में डेढ़ महीने से ज्यादा चले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के वोटरों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा. मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया कि शुरुआती आकलन से पता चलता है कि मध्य प्रदेश में करीब 41.8 लाख वोटरों के नाम हटाए जा सकते हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 7.2 प्रतिशत है. इनमें मृतक, अनुपस्थित, स्थानांतरित और डुप्लिकेट प्रविष्टियां शामिल हैं, जबकि कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शुरुआती डेटा से पता चलता है कि 41.8 लाख नामों में से, 8.4 लाख वोटर मृत पाए गए, 8.4 लाख अनुपस्थित पाए गए, 22.5 लाख दूसरी जगहों पर चले गए थे और 2.5 लाख कई पतों पर रजिस्टर्ड थे.
भोपाल में, जहां 21.25 लाख रजिस्टर्ड वोटर हैं, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लगभग 4.3 लाख नाम 20.23 प्रतिशत हटाए जा सकते हैं.
इंदौर में, 28.67 लाख वोटरों में से 4.4 लाख नाम हटाए गए, ग्वालियर में 16.49 लाख वोटरों में से 2.5 लाख नाम हटाए जा सकते हैं और जबलपुर में 19.25 लाख में से 2.4 लाख नाम हटाए जा सकते हैं. अधिकारी ने बताया कि ये सभी संख्याएं सिर्फ एक आकलन हैं और हटाए गए वोटरों की सही संख्या मंगलवार को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद ही पता चलेगी.
65,000 से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारियों को 4 नवंबर से वोटरों के वेरिफिकेशन के लिए घर-घर जाकर दौरा करने का काम सौंपा गया था, जबकि 2023 में मध्य प्रदेश में 6.65 करोड़ से ज्यादा वोटर रजिस्टर्ड हुए थे.
मध्य प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें और 29 लोकसभा क्षेत्र हैं, जो 55 जिलों में फैले हुए हैं, जिन्हें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, चंबल, नर्मदापुरम, रीवा, सागर, शहडोल और उज्जैन जैसे 10 डिवीजनों में बांटा गया है. 4 नवंबर से, जब राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण का काम शुरू हुआ, तब से 65,000 से ज्यादा बूथ-लेवल अधिकारियों ने शहरों, कस्बों और गांवों में घरों का दौरा करके वोटर डिटेल्स वेरिफाई किए.
खास बात यह है कि पूरे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान, मध्य प्रदेश में मुख्य विपक्षी कांग्रेस चुनाव आयोग के कदमों का विरोध करती रही और राजनीतिक आरोप लगाकर उसकी आलोचना करती रही. राज्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल में मुख्य चुनाव अधिकारी से मिला और एसआईआर अभ्यास में अनियमितताओं का आरोप लगाया. (इनपुट एजेंसी से भी)
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