यूपी में डुप्लीकेट SIR फॉर्म भरने पर लगेगा तगड़ा जुर्माना, एक व्यक्ति, एक फॉर्म ... दो बार भरने की चुकानी होगी भारी कीमत!

अगर जानबूझकर जैसे अलग-अलग नाम/डिटेल्स से डुप्लीकेट फॉर्म भरा तो RPA 1950 की धारा 31 के तहत जुर्माना (₹500 से ₹1000 तक) या 6 महीने तक की कैद हो सकती है.

Published date india.com Updated: November 29, 2025 10:40 AM IST
गलती साबित न होने पर नाम स्थायी रूप से हट सकता है.
गलती साबित न होने पर नाम स्थायी रूप से हट सकता है.

Special Intensive Revision चुनाव आयोग का अभियान है, जिसे मतदाता सूची को अपडेट, साफ-सुथरा और सटीक बनाने के लिए किया जा रहा है. यह 2027 विधानसभा चुनावों के लिए आधार बनेगा. यूपी समेत 9 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहा है. Booth Level Officer (BLO) घर-घर आकर Enumeration Form (EF) दे रहे हैं. यूपी में 29 नवंबर 2025 तक1.62 लाख BLO और 3.86 लाख BLA तैनात किए गए हैं. कुछ लोगों को SIR की सही समझ नहीं है, जिसके चलते अलग अलग तरह की अफवाहों पर ध्यान देतें. यूपी में दो बार SIR फॉर्म भरने पर सख्त कार्वाई के निर्देश दिए गए हैं. आइए जानते हैं एसआईआर (SARKARI JOB RECRUITMENT) में दो बार फॉर्म भरने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

दो बार फॉर्म भरने पर क्या होता है?

चुनाव आयोग (ECI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, SIR में एक मतदाता प्रति एक फॉर्म ही मान्य है. दो या अधिक फॉर्म भरना (डुप्लीकेट सबमिशन) प्रतिबंधित है, क्योंकि यह “one person, one vote” सिद्धांत का उल्लंघन करता है. यह सामान्य मतदाता पंजीकरण नियमों (Representation of the People Act, 1950 की धारा 21 के तहत) पर आधारित है.

डुप्लीकेट एंट्री का स्वतः हटाना (Automatic Deletion):ERO (Electoral Registration Officer) सबमिशन की जाँच करता है. डुप्लीकेट फॉर्म पहचान पर सभी अतिरिक्त एंट्री रद्द कर दी जाती हैं.

केवल एक फॉर्म सामान्यतः पहला या सही सत्यापित मान्य रहता है. बाकी को “duplicate entry” के रूप में चिह्नित कर हटा दिया जाता है.

ड्राफ्ट सूची में आपत्ति/सुनवाई के दौरान जाँच: अगर डुप्लीकेट पकड़ा गया, तो claims/objections चरण (9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026) में सुनवाई होती है. BLO/ERO/DEO (District Election Officer) साक्ष्य मांग सकता है. गलती साबित न होने पर नाम स्थायी रूप से हट सकता है. यूपी में DEO कार्यालय (जैसे लखनऊ, कानपुर आदि) में स्थानीय स्तर पर सुनवाई होती है.

गंभीर मामलों में दंड/डिबारमेंट (Penalties/Debarment)

अगर जानबूझकर (जैसे अलग-अलग नाम/डिटेल्स से) डुप्लीकेट भरा, तो RPA 1950 की धारा 31 के तहत जुर्माना (₹500 से ₹1000 तक) या 6 महीने तक की कैद हो सकती है. बार-बार उल्लंघन पर भविष्य की मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया से डिबार (वोटिंग अधिकार निलंबन) संभव.
यूपी में अब तक कोई बड़े डुप्लीकेट केस रिपोर्ट नहीं, लेकिन बिहार SIR (पहला चरण) में 68 लाख डुप्लीकेट/अमान्य एंट्री हटाई गईं.

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क्या करें अगर गलती से दो फॉर्म भर दिए ?

BLO या DEO कार्यालय को ईमेल/कॉल करें. एक फॉर्म कैंसल करने की रिक्वेस्ट दें. voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर से स्टेटस चेक करें. डुप्लीकेट दिखे तो “Book a Call with BLO” से अपॉइंटमेंट लें. 1950 पर कॉल करें या ceouttarpradesh.nic.in पर चेक करें. हमेशा एक ही EPIC/मोबाइल से फॉर्म भरें. परिवार के सदस्य अलग-अलग भर सकते हैं.

SIR में डुप्लीकेट फॉर्म भरना नाम हटाने या कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है. समय रहते सही फॉर्म जमा करें ताकि अंतिम सूची (फरवरी 2026) में नाम रहे.

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