इंदौर. आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने मंगलवार की दोपहर अपने घर में खुद को गोली मार ली. उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने सिर पर गोली मारी थी. उनकी मौत को लोग संदिग्ध मान रहे हैं और खुदकुशी के कारणों के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं. बताया जाता है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और बीजेपी के नेताओं से उनकी नजदीकी थी. कुछ महीने पहले ही मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री बनाया था. लेकिन उन्होंने दर्जा ठुकरा दिया था.

भय्यू जी महार का जन्म साल 1968 में हुआ था. उनका असली नाम उदयसिंह देशमुख था. वह शुजालपुर के जमींदार परिवार से थे. इसी साल उन्होंने डॉ. आयुषी शर्मा से शादी की थी. कभी मॉडलिंग करने वाले भय्यूजी को देशभर में लाखों लोग मानते हैं. उन्हें हाईप्रोफाइल संत कहा जाता है.

कई बड़े नेताओं से थे संबंध
कहा जाता है कि भय्यूजी के देश के कई बड़े नेताओं से संबंध थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले और अन्ना हजारे जैसी शख्सियत से उनकी नजदीकी थी.

अन्ना-मोदी का अनशन तोड़वाया
भय्यू जी महारातज साल 2011 में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे. अन्ना हजारे का अनशन तोड़वाने के लिए यूपीए सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था. अन्ना ने उनके हाथ से ही जूश पीकर अनशन तोड़ा था. इतना ही नहीं गुजरात के मुख्यमंत्री रहते जब नरेंद्र मोदी सद्धावना उपवास पर बैठे थे तो उनका अनशन तोड़वाने के लिए भय्यू महाराज को ही बुलाया गया था.