गांधीनगर: कोराना वायरस फैलने की आशंका के मद्देनजर गुजरात सरकार ने सार्वजनिक स्थान पर थूकने को दंडनीय अपराध घोषित करने की योजना बनाई है. गुजरात में वैसे तो कोराना वायरस का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है, फिर भी सरकार एहतियातन यह कड़ा कदम उठाने जा रही है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके. Also Read - पटेल की प्रतिमा के पास आदिवासियों, पर्यावरण को बचाने के लिए ट्रंप से हस्तक्षेप की मांग

प्रधान सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) जयंती रवि ने कहा, “हम सार्वजनिक जगहों पर थूकना प्रतिबंधित करने के लिए वीडियो लिंक के जरिये कलेक्टरों, निगमायुक्तों और नगर पालिकाओं के मुख्य अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे हैं. हम इस पर भी चर्चा कर रहे हैं कि थूकने को किस तरह दंडनीय बनाया जाए.” उन्होंने कहा, “भारतीय महामारी अधिनियम, 1897 का आधार बनाते हुए हमने कोविड-19 की रोकथाम के लिए शुक्रवार को जिला कलेक्टरों और शहरी इलाकों में निगमायुक्तों जैसे अधिकारियों को एक अधिसूचना जारी की है.” Also Read - गुजरात सरकार ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने में लगाई 'शर्त', जनता ने किया विरोध, विपक्षी दल बिफरे

बता दें कि सरकार ने शनिवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की संख्या 96 हो गई है और राज्यों को निर्देश दिए कि आपदा कोष के तहत कोविड-19 की रोकथाम के लिए सामग्रियों की सूची और सहयोग के मानक तैयार करें. कर्नाटक के 76 वर्षीय एक व्यक्ति और दिल्ली में 68 वर्षीय एक महिला की कोरोना वायरस से मौत हो गई जिसे डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक महामारी घोषित किया है. इस बीमारी से पूरी दुनिया में 5000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. कई राज्यों ने स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक संस्थानों और सिनेमा हॉल को बंद करने के आदेश दिए हैं. Also Read - जसदण उपचुनावः गुजरात सरकार में मंत्री बने पूर्व कांग्रेसी और 'चेले' में भिड़ंत, रिजल्ट 23 को