नई दिल्‍ली: देश में CAA, NRC विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक बार फिर योगगुरु Yog Guru बाबा रामदेव Ramdev ने बड़ा बयान दिया है. बाबा रामदेव ने सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर कहा, हिंसा फैलाना, देश को विभाजित करने की बात करना, देश के खिलाफ देशद्रोही कृत्य है. किसी भी जिम्मेदार नागरिक या पार्टी को ऐसा नहीं करना चाहिए. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

बता दें कि देश के विभिन्न हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून (CAA ) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NRC) के खिलाफ इस समय विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बाबा रामदेव दिल्‍ली के शाहीनबाग में चल रहे धरना प्रदर्शन में जाकर प्रदर्शनकारियों से इस मुद्दे पर बात करना चाहते थे, लेकिन दिल्‍ली पुलिस ने खतरे की आशंका के मद्देनजर उन्‍हें वहां जाने की इजाजत नहीं दी थी. Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

बीते 24 जनवरी शुक्रवार को योगगुरू रामदेव ने जेएनयू और अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों को विरोध प्रदर्शनों में भाग नहीं लेकर राजनीति से दूर रहने और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि छात्रों के लिए हिंसा-अराजकता फैलाना और प्रदर्शनों में शामिल होना उचित नहीं है. Also Read - अमित शाह का बड़ा बयान, कोविड-19 टीकाकरण समाप्त होने के बाद लागू किया जाएगा CAA

रामदेव ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए दावा किया था कि पिछले कई महीनों से भारत को दुनिया में बदनाम किया जा रहा है क्योंकि यहां केवल हिंसा, गुस्सा, प्रदर्शन और अराजकता को छोड़कर कोई अन्य काम नहीं हो रहा है.

रामदेव ने कहा था, ” मैं न केवल जेएनयू, बल्कि अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों से अपील करता हूं कि वे आंदोलन का काम राजनीतिक दलों पर छोड़ दें. नहीं तो वे बेरोजगार रह जाएंगे. उन्हें (छात्रों को) अपने करियर पर ध्यान देना चाहिए और अपनी प्रतिभा का पोषण करना चाहिए.” योग गुरु ने सलाह दी थी कि छात्रों को राष्ट्र निर्माण पर ध्यान देना चाहिए और हिंसा, अराजकता और विरोध का रास्ता छोड़ना चाहिए.