नई दिल्ली: श्रीलंका में आतंकवादी हमले के बाद देश के दक्षिणी राज्यों, विशेषकर गिरजाघरों और अन्य धार्मिक स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. श्रीलंका में रविवार को हुए आतंकवादी हमले में आठ भारतीयों सहित 290 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हो गए. समुद्री इलाकों में खास चौकसी बरती जा रही है. दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई, बेंगलुरू और गोवा जैसे प्रमुख शहरों के संवेदनशील स्थानों पर भी एहतियाती कदम उठाते हुए सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है. इंडिन कोस्‍ट गार्ड को हाई अलर्ट पर रखा गया है. बता दें कि पाकिस्‍तानी आतंकियों ने मुंबई में इसी तरह का हमला किया था, जिसमें 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका में रविवार को हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के मद्देनजर तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गिरजाघरों तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किए गए है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय एजेंसियां इस मामले को सुलझाने में श्रीलंका के जांचकर्ताओं की मदद कर रही है.

हालांकि अधिकारियों ने उस रिपोर्ट के बारे में चुप्पी साधे रखी, जिसमें कहा गया था कि एक भारतीय खुफिया एजेंसी ने संभावित आतंकवादी हमले के बारे में श्रीलंकाई अधिकारियों को पहले से सूचना दी थी. बता दें कि श्रीलंका में रविवार को गिरजाघरों और पांच सितारा होटलों में ईस्टर के मौके पर आत्मघाती हमलों सहित आठ बम धमाकों में कम से कम 290 लोग मारे गये हैं और करीब 500 लोग घायल हुए हैं.

श्रीलंका में सोमवार की आधी रात से आपातकाल लगाया जाएगा. राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की एक बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया. अभी तक किसी ने भी इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पुलिस ने विस्फोटों के सिलसिले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है.