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काठमांडू, 26 नवंबर | श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने बुधवार को दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के 18वें शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए दक्षेस देशों से आतंकवाद खत्म करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हम यहां एकता और समृद्धि के लिए बेहतर एकीकरण की इच्छा के साथ एकत्र हुए हैं। दक्षेस लगभग तीन दशकों से विकसित हो रहा है और महत्वपूर्ण मोड़ पर है। यहां पारंपरिक मार्गो से आगे बढ़कर, एक परिणामोन्मुख कार्रवाई करने की जरूरत है, जो लोगों को सीधे प्रभावित करे।” Also Read - लॉकडाउन: गरीबों को 5-5 हज़ार रुपए बाँट रहा था अमीर शख्स, भगदड़ से 3 महिलाओं की मौत

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, राजपक्षे ने दक्षेस में श्रीलंका सरकार की ग्रामीण विकास की राष्ट्रीय योजना का जिक्र किया जिससे औसतन सात फीसदी विकास हुआ।  उन्होंने बताया कि श्रीलंका में अभी भी 25 फीसदी से ज्यादा आबादी गरीब है।  उन्होंने बताया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जीवंत आर्थिक माहौल बनाना, श्रीलंका सरकार की एक नीति है, जिससे श्रीलंका के पूर्व युद्धग्रस्त क्षेत्रों में विकास दर में 22 फीसदी वृद्धि हुई है। Also Read - On This Day in 1984: पाकिस्तान को पस्त कर भारत ने रचा था इतिहास, बना एशिया का बादशाह

उन्होंने कहा, “यह दक्षेस के लिए एक नीति है। व्यापार और सेवाओं को बेहतर अर्थव्यवस्था के तौर पर देखे जाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और वर्तमान समय की चुनौती को दक्षेस में सामान्य स्थिति के साथ अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने दक्षेस को समर्पित एक सैटेलाइट की लांचिंग के लिए भारत की सराहना की। उन्होंने पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों पर निर्भरता कम करने और इस क्षेत्र में क्षेत्रीय वचनबद्धता में सुधार करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने श्रीलंकाई शहर मातारा में दक्षेस सांस्कृतिक केंद्र को निकट भविष्य में पूरा करने का आग्रह किया और दक्षेस से युवा कौशल दिवस मनाने के लिए एक दिन निर्धारित करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार को राजनैतिक एजेंडा नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने दक्षेस देशों से ‘बाहरी जोड़-तोड़ का विरोध’ करने और मिलकर काम करने का आह्वान किया।