रामेश्वरम: श्रीलंकाई नौसेना ने गुरुवार को तमिलनाडु के 7 मछुआरों को गिरफ्तार किया है. साथ ही उसने कम से कम 50 नौकाओं के मछली पकड़ने वाले जालों को भी काट दिया. हालांकि ये मछुआरे कच्चातीवू द्वीप के पास कथित तौर पर मछली पकड़ रहे थे. Also Read - Gandii Baat Actress Gehana Vasisth: नए एक्टर्स को पैसों का लालच देकर कराती थीं पॉर्नोग्राफी, अकाउंट से हुआ खुलासा

मत्स्यिकी विभाग के सहायक निदेशक एस मणिकंदन ने बताया कि इस द्वीप के मछुआरे बुधवार को 370 नौकाओं में समुद्र में मछली पकड़ने गए थे और कच्चातीवू के पास मछली पकड़ रहे थे. उसी दौरान श्रीलंकाई नौसेनिक वहां पहुंचे उन्होंने उनसे वहां से जाने के लिए कहा. Also Read - China से तनाव के बीच रक्षा मंत्रालय ने 28,000 करोड़ रुपए के सैन्‍य उपकरणों की खरीद को दी मंजूरी

उन्होंने बताया कि नौसैनिकों ने 50 नौकाओं के मछली पकड़ने वाले जाल को भी काट दिया. मछुआरों में से 7 को गिरफ्तार कर श्रीलंका ले जाया गया जबकि अन्य सभी बुधवार की सुबह तट पर लौट आए. इस बीच मछुआरा संघ के नेताओं ने दावा किया कि वर्ष 1974 एवं 1976 में भारत-श्रीलंका के बीच हुए समझौते के तहत भारतीय मछुआरों को कच्चातीवू में मछली पकड़ने की इजाजत है. Also Read - VJ Chitra Case: टीवी पर दिए इंटीमेट सीन से ख़फा थे पति, आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार

उन्होंने साथ ही केंद्र सरकार से भी इस मामले में दखल देने और मछुआरों पर बार-बार हो रहे हमलों को रोकने तथा श्रीलंका की जेलों में बंद 133 मछुआरों की रिहाई के संबंध में अपील की. दूसरी तरफ श्रीलंका के 4 तमिल शर्णार्थियों को भारत में अवैध तरीके से प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है.

नौसेना पुलिस ने बताया कि ये लोग एक अवैध नौका सेवा के जरिए यहां धनुषकोडी तट पहुंचे थे. इन शर्णार्थियों ने माना कि वह चिकित्सकीय उपचार के लिए यहां आए थे.