भारत ने आज श्रीहरिकोटा से आज देश के सातवें और अंतिम नौवहन उपग्रह IRNSS-1G का सफल परीक्षण किया। IRNSS-1G का परीक्षण यहां रॉकेट पोर्ट से गुरुवार दोपहर भारतीय ध्रुवीय उपहग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) रॉकेट के जरिये किया गया। इस सफल परीक्षण के बाद भारत का एक सपना पूरा हो गया। 44.4 मीटर लंबे और 320 टन वजनी पीएसएलवी-एक्सएल के जरिये उपग्रह का परीक्षण दोपहर 12.50 बजे किया गया।

इस पल का भारतीय सेना काफी समय से इंतजार कर रहा था। इसके अलावा अब भारत ये क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का तीसरा देश होगा। वहीं इस सफल परिक्षण के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत के सभी लोगो को बधाई देते कहा की आज भारत भारत उन पांच देशो में अब है जिनके पास उनका खुद का जीपीएस है। पीएम मोदी ने कहा की अब तक हम दुसरो पर निर्भर थे लेकिन अब हम आज से आत्मनिर्भर हो गए हैं। यह भी पढ़ें : पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण, दुश्मन देश के उड़े होश

पीएम मोदी ने अपनी खुशी को जाहिर करते यह भी कहा की अब आज के इस दौर में हम अपना रास्ता खुस तय करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी ने भारतीय वैज्ञानिको की भी जमकर तारीफ की। आप को बता दें की यह 6 नेविगेशन सेटेलाइट्स 24 घंटे अपने सिग्नल उपलब्ध करा रहे हैं। आपको जानकर गर्व होगा की यह सुविधा भारतीय इलाके में ठीक वैसी ही होगी जैसे US जीपीएस सुविधा देती है।