भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इसरो ने बुधवार को PSLV-C36 सैटेलाइट का प्रक्षेपण किया। 1,235 किलोग्राम के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह रिसोर्ससैट -2 ए को ले जा रहे ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान का सफल परिक्षण किया गया है। इस रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा रॉकेट रॉकेट पोर्ट के पहले लांच पैड से सुबह 10.25 बजे लांच किया गया।

रॉकेट के लिए 36 घंटों की उल्टी गिनती 5 दिसंबर रात 10.25 बजे से शुरू हुई थी। इसरो के अनुसार, पीएसएलवी का ‘एक्सएल’ रॉकेट प्रकार रिसोर्ससैट-2ए को 817 किलोमीटर ध्रुवीय सूर्य समकालिक कक्षा में स्थापित कर देगा। इसरो ने कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों अपने उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए पीएसएलवी रॉकेट प्रदान करते हैं। 1994 से 2016 तक पीएसएलवी रॉकेट से 121 उपग्रहों का प्रक्षेपण हो चुका है, जिनमें 70 विदेशी और 42 भारतीय थे। यह भी पढ़ें: इसरो का जीसैट-16 उपग्रह कक्षा में स्थापित

गौरतलब हो की पिछले महीने ही भारत के संचार उपग्रह जीसैट-18 का गुरुवार तड़के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया था। इसे फ्रेंच गुयाना के कारू से प्रक्षेपित किया गया। इसे फ्रांस की कंपनी ‘एरियनस्पेस’ के एरियन 5 के प्रक्षेपण यान से प्रक्षेपित किया गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के मुताबिक, कर्नाटक के हासन में इसकी मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी (एमसीएफ) ने जीसैट-18 का दारोमदार संभाला था। जीसैट-18 देश का नवीनतम संचार उपग्रह है। इसमें 48 ट्रांसपोंडर्स हैं जो संचार सिग्नलों को भेजते और प्राप्त करते हैं। यह 3,404 किलोग्राम का उपग्रह सामान्य सी-बैंड, विस्तृत सी-बैंड और कू-बैंड्स पर सेवाएं देगा। ‘एरियनस्पेस’ के अध्यक्ष स्टीफन इजरायल ने जारी बयान में कहा, एरियनए5 ने इस साल पांचवी बार बेहतरीन काम किया है और यह लगातार 74वीं सफलता थी।