नई दिल्ली: भारत के सीमा रक्षक बल सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) ने पिछले साल डोकलाम गतिरोध के बाद सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारत-भूटान सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ा दी है. यह तैनाती तिब्बत क्षेत्र में चीन सीमा से सटे दीबान, दुआ-देलाई और लोहित घाटियों के पहाड़ी इलाकों से ज्यादा दूर नहीं है.

सुरक्षा बढ़ाने के लिए एसएसबी ने सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में 18 नई सीमा चौकियां स्थापित की थीं, जिन्होंने इस साल से ही काम करना शुरू कर दिया है. एसएसबी के महानिदेशक सुरजीत सिंह देसवाल ने बताया, “सिक्किम में तीन और अरुणाचल प्रदेश में 15 नई सीमा चौकियां स्थापित की गई हैं. उन्होंने इस साल से ही काम करना शुरू कर दिया है ताकि भूटान से सीमा साझा करने वाले इलाकों में सुरक्षा और गश्त को बेहतर किया जा सके. पश्चिमी सिक्किम में तीन नई चौकियां भूटान की सीमा को छूती हैं.”

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देसवाल एसएसबी के 55वें रेजिंग डे कार्यक्रम के बाद बात कर रहे थे. उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि उनके बल का भारत-चीन सीमा के साथ अभियान से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि 18 नई सीमा चौकियां उन 72 चौकियों में हैं, जिन्होंने इस साल कार्य करना शुरू किया है. वर्तमान में एसएसबी की 53 बटालियन 699 किलोमीटर भारत-भूटान और 1,751 किलोमीटर भारत-नेपाल सीमा पर तैनात हैं. यह तैनाती दोनों देशों की सीमाओं के साथ 708 सीमा चौकियों की स्थापना और संचालन के साथ सुरक्षा प्रदान करने के अपने प्राथमिक कार्य के हिस्से के रूप में की गई है.

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महानिदेशक ने इस मौके पर कहा कि इस साल एसएसबी ने 260 करोड़ से ज्यादा राशि के मूल्य के मादक पदार्थ, नकली भारतीय मुद्रा, वन्यजीव और वन उत्पाद जब्त किए हैं. उन्होंने कहा, “बल ने बिहार और झारखंड में 500 एकड़ से ज्यादा अवैध अफीम की खेती को भी तबाह किया है.” महानिदेशक ने कहा कि इस साल अब तक एसएसबी ने 6,573 लोगों को भारी मात्रा में हथियार व गोलाबारूद के साथ गिरफ्तार किया है. इसमें एके-56 राइफल जैसे हाईटेक हथियार व विस्फोटक, एलएमजी, 5.56 एमएम राइफल, एमके 2 राइफल, .22 एमएम पिस्तौल, हथगोले, विस्फोटक और जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं.

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उन्होंने कहा, “एसएसबी ने इस साल मानव तस्करी जैसे खतरे पर भी कार्रवाई की है और मानव तस्करी के 782 पीड़ितों को बचाया है, जिसमें 426 पुरुष और 356 महिलाएं शामिल हैं. 180 मानव तस्करी मामलों में कुल 263 मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है.”