कोलकाता: एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पश्चिम बंगाल में बहुप्रतीक्षित पंचायत चुनाव सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न होंगे. अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में सोमवार को होने वाला पंचायत चुनाव अंतिम बड़ा चुनाव है. मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम पांच बजे समाप्त होगा. मतगणना 17 मई को की जाएगी. एक चरण में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए तीव्र प्रचार अभियान हुआ था. चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस , भाजपा , कांग्रेस और वाममोर्चा के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप – प्रत्यारोप लगाए.

विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा की. तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष का कोई जनाधार नहीं है और वह चुनाव से बचने का प्रयास कर रहे थे. सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने इस चुनाव में प्रचार किया. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रचार नहीं किया. उन्होंने लोगों से अपनी सरकार के विकास कार्यों के समर्थन में वोट करने की अपील की.

पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार 621 जिला परिषदों , 6,157 पंचायत समितियों और 31,827 ग्राम पंचायतों में चुनाव होगा. चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और असम , ओडिशा , सिक्किम और आंध्र प्रदेश से लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा बलों ने सुरक्षा प्रबंधों के तहत राज्य के विभिन्न भागों में आज मार्च निकाला. इस बार पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग , राज्य सरकार , सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी भाजपा , कांग्रेस तथा वाममोर्चा के बीच एक अभूतपूर्व कानूनी लड़ाई देखने को मिली.