नई दिल्ली. नीति आयोग की संचालन परिषद की चौथी बैठक में राज्यों ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास के विभिन्न मुद्दों पर आज चर्चा की. साथ ही राज्यों ने अपनी मांगे रखते हुए नीति आयोग से प्रदेश की जरूरत के मुताबिक योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया. आयोग की तरफ से टि्वटर के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आयोग से कहा कि प्रदेशों की जरूरत के हिसाब से योजनाएं बनाई जानी चाहिए. बैठक में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जहां अपनी मांग रखते हुए परोक्ष रूप से एक बार फिर बिहार को विशेष राज्य के दर्जे पर जोर दिया. वहीं, आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भी विशिष्ट राज्यों के वृद्धि दर पर आयोग का ध्यान दिलाया. नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था के सामने अब चुनौती वृद्धि दर को दहाई अंक तक पहुंचाने की है. इसके लिए उन्होंने कई और महत्वपूर्ण कदम उठाने पर जोर दिया.

पिछड़े राज्यों को अन्य प्रदेशों के स्तर पर लाने की जरूरत
नीति आयोग की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछड़े राज्यों के विकास पर जोर देते हुए आयोग से इसके अनुकूल योजनाएं बनाने का आग्रह किया. नीतीश कुमार ने कहा, ‘हमें बिहार जैसे पिछड़े राज्यों को देश के अन्य राज्यों के स्तर पर लाने की जरूरत है. नीति आयोग को इस बात का आकलन करना चाहिए कि विशिष्ट राज्यों की जरूरतों के हिसाब से कैसे योजनाओं को क्रियान्वित किया जा सकता है.’ राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में संचालन परिषद की चौथी बैठक में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने स्मार्ट सिटी के लिए पूर्वोत्तर राज्यों के मामले में वित्त पोषण जरूरतों में छूट देने पर जोर दिया. खांडू ने इटानगर में हवाईअड्डे के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के लिए स्मार्ट सिटी के लिए वित्त पोषण में 90:10 का अनुपात रखने की बात कही. साथ ही अरुणाचल प्रदेश के लिए आईएएस, आईपीएस, आईएफएस के लिए अलग कैडर की मांग की.

नीति आयोग की बैठक से पहले पीएम नरेंद्र मोदी से मिलते कर्नाटक के सीएम एच.डी. कुमारस्वामी.

नीति आयोग की बैठक से पहले पीएम नरेंद्र मोदी से मिलते कर्नाटक के सीएम एच.डी. कुमारस्वामी.

 

आंध्रप्रदेश ने भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नीति आयोग की बैठक में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की तरह ही पिछड़े राज्यों को विकसित करने की वकालत की. नायडू ने कहा, ‘देश को 8 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों को 10 से 12 प्रतिशत वृद्धि की जरूरत है.’ उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश पिछले चार साल से 10.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आयोग की बैठक में शिरकत करते हुए कहा कि हम तत्परता के केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं को लागू कर रहे हैं. बच्चों के पोषण अभियान के तहत हम ‘वजन त्योहार’ जैसी योजनाएं चला रहे हैं और हमने आयुष्मान भारत के लिए नोडल एजेंसी मनोनीत किया है.

नीति आयोग की बैठक में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी.

नीति आयोग की बैठक में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी.

 

राजस्थान की सीएम ने की आयोग की सराहना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग के संचालन परिषद की चौथी बैठक में शिरकत करते हुए कहा कि हम मृदा स्वास्थ्य केंद्र, सिंचाई सुविधाओं तथा ई-नाम जैसी विभिन्न योजनाओं के जरिए राज्य में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कदम उठा रहे हैं. उन्होंने नीति आयोग की संचालन परिषद को संबोधित करते हुए कि वह कृषि क्षेत्र में एमएसपी लागू करने, गन्ना कीमतों, अनाज की खरीद, सिंचाई पर जोर दे रहे हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य, पोषण शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जल सूचकांक तैयार करने के लिए नीति आयोग की सराहना करते हुए कहा कि हमारा जोर कृषि विपणन, ई-नाम, सिंचाई, भामाशाह योजना, जल संरक्षण कार्यक्रम, स्वास्थ्य योजनाओं पर है. असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि हमने इस साल बजट इलेक्ट्रानिक रूप से पेश किया. हम आयुष्मान भारत, पोषण अभियान और ग्राम स्वराज अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं को प्रमुखता से लागू कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप 3 और 7 साल के लिए योजना भी तैयार की है.’

नीति आयोग की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए.

नीति आयोग की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए.

 

पीएम मोदी बोले- देश की वृद्धि दर दहाई अंक तक ले जाने की चुनौती
पीएम नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.7 फीसदी की दर से बढ़ी है, और अब चुनौती इसे दहाई अंक तक ले जाने की है. पीएम मोदी ने कहा, ‘अब चुनौती इस वृद्धि दर को दोहरे अंक तक ले जाने की है, जिसके लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. 2022 तक नए इंडिया का विजन अब हमारे देश के लोगों का संकल्प बन गया है.’ प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों और अन्य प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि शासी परिषद एक ऐसा मंच है, जो ‘ऐतिहासिक परिवर्तन’ ला सकता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र बाढ़ प्रभावित राज्यों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा. उन्होंने कहा, ‘यह बैठक भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है और इन्हें पूरा करने के लिए इस बैठक पर सभी प्रयास करने की जिम्मेदारी भी है.’

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देश के विकास को आकार देने के लिए बैठक
नीति आयोग की शासी परिषद की यह बैठक देश के विकास के लिए आवश्यक बैठकों में से एक है. इस बैठक में कई सारे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें किसानों की आय दोगुनी करने, आकांक्षी जिलों का विकास, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय पोषण मिशन, मिशन इंद्रधनुष जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का जश्न शामिल हैं. शासी परिषद एक प्रमुख निकाय है, जिसकी जिम्मेदारी विकास की गाथा को आकार देने में राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं, सेक्टरों और रणनीतियों का एक साझा दृष्टिकोण विकसित करना है. परिषद पूर्व के वर्ष के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा करती है और भविष्य की विकास प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करती है.

(इनपुट – एजेंसियां)