नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किसानों द्वारा कर्जमाफी की बढ़ रही मांगों पर सोमवार को कहा कि इसके लिए राज्यों को अपने संसाधनों से धन का इंतजाम करना होगा. वित्त मंत्री का साफ इशारा था कि केंद्र सरकार किसान की कर्जमाफी पर राज्यों की वित्तीय मदद नहीं करेगी. बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद संवाद्दाताओं से बात करते हुए वित्त मंत्री के ने कहा, ‘मैं इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं. जो राज्य इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें अपने संसाधनों से इसके लिए धन की व्यवस्था करनी होगी. इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से मुझे कुछ नहीं कहना है.’Also Read - Kangana Ranaut Padma Shri Award: पद्मश्री से नवाजी गईं कंगना रनौत, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी बधाई, बजने लगी तालियां

वित्त मंत्री ने बैंक प्रमुखों के साथ बैठक कर लिया वित्तीय स्थिति का जायजा Also Read - केंद्र लंबित निर्यात प्रोत्साहनों के लिए बकाया के रूप में 56 हजार करोड़ रुपये जारी करेगा

वित्त मंत्री अरुण जेटली आज बैंक प्रमुखों से बैठक कर वित्तीय स्थिति का जायजा लिया. यह बैठक बैंकों के फंसे कर्जों की समस्या के तीव्र निवारण के विषय में बुलाई गई थी. इस बैठक में वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एस एस मुंद्रा भी उपस्थित थे. Also Read - वित्त मंत्रालय ने RLB अनुदान के रूप में 25 राज्यों को 13,386 करोड़ रुपये जारी किए, जानिए किसे होगा फायदा

पहले सत्र की बैठक के बाद जेटली ने बातचीत में संवाददाताओं से कहा, जहां तक इस बैठक की बात है तो बैकों के विलय-अधिग्रहण का मुद्दा एजेंडे में नहीं था. लेकिन मैं कह सकता हूं कि हम उस दिशा में सरगर्मी से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं आपको इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकता क्योंकि कुछ बातों से बाजार प्रभावित हो सकता है. लेकिन आप यह मानकर चल सकते हैं कि इस दिशा में पहल हो रही है. मंत्री ने संकेत दिया कि शीघ्र ही इसका समाधान होने वाला है.

वर्ष 2016-17 के आखिर तक सरकारी बैंकों के सामने छह लाख करोड़ रूपये के फंसे हुए कर्ज की समस्या मुंह बाये खड़ी थी. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जहां तक क्षेत्रीय स्रोत की बात है तो गैर निष्पादित संपत्तियों के समाधान के कदम उठाने के सिवा कोई विकल्प नहीं है. अधिकारी ने कहा कि समस्या वाले छह बड़े क्षेत्रों के बारे में नियम बन गए हैं.

किसानों की कर्जमाफी का बढ़ती मांग और फैसले

किसानों की कर्जमाफी तथा अन्य मांगों को लेकर 10 दिवसीय हड़ताल के मद्देनजर महाराष्ट्र ने रविवार को लघु एवं सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की. इसी तरह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि ऋणों की माफी की मांग पर गौर करने का वादा किया है. इस साल भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश में भारी जीत दर्ज करने के फौरन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने किसानों के 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज को माफ कर दिया.

-एजेंसी इनपुट