नई दिल्ली: कुछ राज्य सरकार के खिलाफ जनता के पैसे का उपयोग कर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का प्रचार करने की शिकायतों के मद्देनजर, एक सर्वोच्च न्यायालय-शासित सामग्री विनियमन पैनल ने कहा कि वह चाहता है कि राज्य सरकारी प्रचार के लिए सामग्री नियामक की स्थापना करे. अगर राज्य अपने स्वयं के पैनल का गठन करने के इच्छुक नहीं हैं, तो वे केंद्र द्वारा गठित तीन-सदस्यीय सामग्री विनियमन समिति के हवाले यह कर सकते हैं. Also Read - सुप्रीम कोर्ट के वकील 'दिल्ली चलो' आंदोलन के समर्थन में उतरे, कहा- किसानों की मांगों को स्वीकारे सरकार

यह कदम काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दिल्ली अगले महीने चुनाव होने हैं और आप, भाजपा व कांग्रेस में त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है. Also Read - दिल्ली में कोरोना क्यों बना काल? केंद्र सरकार ने दिया जवाब- केजरीवाल सरकार की बताई गलती

यह शिकायत अतीत में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व राजस्थान के पूर्व सरकार के खिलाफ प्राप्त हुई है और तीन सदस्यीय सेंट्रल पैनल ने सूचना व प्रसारण मंत्रालय से राज्यों से जल्द से जल्द सामग्री नियामकों की स्थापना करने को कहा है. Also Read - Loan Moratorium Case: सुप्रीम कोर्ट का सरकार को निर्देश, ऋण पर ब्याज के मामले में अपना निर्णय लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाएं

(इनपुट )