कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्यों से रोहिंग्या शरणार्थियों की पहचान कर उनका बायोमेट्रिक ब्यौरा एकत्र करने को कहा गया है. राज्यों द्वारा एकत्र रिपोर्टों को केंद्र राजनयिक माध्यम से म्यामांर सरकार को भेजेगी.

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोमवार को केंद्रीय मंत्री सिंह ने कोलकाता में अंतरराज्यीय संबंधों और माओवादी समस्या सहित सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की.

बेरोजगार रोहिंग्या भारत के लिए भी खतरा: बांग्लादेश

सिंह यहां रविवार को आए थे और उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ओडिशा के वित्तमंत्री शशि भूषण बेहेरा और केंद्र व राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने कहा, “बैठक सफल रही, क्योंकि 30 में से कुल 26 मामले सुलझा लिए गए.”

रकार नक्सलवाद, आतंकवाद को मिटाने सबकुछ कर रही
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार नक्सलवाद और आतंकवाद समेत सभी संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है और भविष्य में भी ऐसा करती रहेगी. सिंह ने यहां पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद कहा, “चाहे यह माओवाद हो, नक्सलवाद हो या अतिवाद हो, किसी भी तरह का सुरक्षा से संबंधित खतरा हो, सभी से निपटा जाएगा. हम किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए जो भी जरूरी है, उसे कर रहे हैं और हम लगातार ऐसा करते रहेंगे.”

राज्यों को पर्याप्त सुरक्षा बल देंगे 
विभिन्न राज्यों से केंद्रीय बलों को हटाने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को चुनाव जैसी परिस्थितियों में बलों को दोबारा तैनात करने की कुछ खास बाध्यता है, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि जब भी जरूरी होगी, राज्यों को पर्याप्त बल उपलब्ध कराए जाएंगे.