नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने ऑल पार्टी मीटिंग में कहा क‍ि  देश में जारी लॉकडॉउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है. पीएम ने कहा, देश में स्थिति ‘सामाजिक आपातकाल’ के समान है. इसके लिए कड़े फैसलों की जरूरत है और हमें सतर्क रहना चाहिए. राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन के विस्तार का सुझाव दिया है. Also Read - कोरोना: देश में संक्रमितों की संख्या 1.5 लाख के पार, आज भी 6 हज़ार से अधिक केस सामने आए, अब तक 4337 की मौत

यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि वह वायरस को तेजी से फैलने से रोकने के लिए कई राज्यों एवं विशेषज्ञों के देशव्यापी लॉकडाउन को 14 अप्रैल के बाद बढ़ाने की राय पर विचार कर सकती है. पीएम मोदी आगामी 11 अप्रैल को देश के सभी मुख्‍यमंत्र‍ियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग करेंगे. Also Read - Coronavirus: सीएम शिवराज सिंह चौहान बोले- MP में धीमी हुई मरीजों के दोगुना होने की दर

सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम ने कहा, देश में स्थिति ‘सामाजिक आपातकाल’ के समान है. इसके लिए कड़े फैसलों की जरूरत है और हमें सतर्क रहना चाहिए. राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन के विस्तार का सुझाव दिया है. Also Read - Video: COVID19 से जंग जीतने वाले एक माह के मासूम को मुंबई के अस्‍पताल ने ऐसे दी विदाई

पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया COVID -19 की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है, वर्तमान स्थिति को जोड़ते हुए मानव जाति के इतिहास में युगांतरकारी घटना है. हमें इसके प्रभाव को बढ़ने से रोकना.

पीएम ऑफिस के जारी बयान में उन्‍होंने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र के साथ मिलकर काम करने वाले राज्यों के प्रयासों की प्रशंसा की है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा एवं राज्यसभा में विपक्ष समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की और कोरोना वायरस के कारण देश में उत्पन्न स्थिति और इसे तेजी से फैलने से रोकने के सरकार के प्रयासों पर चर्चा की.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, एनसीपी के शरद पवार, शिवसेना के संजय राउत के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, द्रमुक के टी आर बालू, बीजद के पिनाकी मिश्रा, वाईएसआर के मिथुन रेड्डी, सपा के राम गोपाल यादव, जदयू के राजीव रंजन सिंह, लोजपा के चिराग पासवान, अकाली दल के सुखवीर सिंह बादल सहित कई अन्य दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में उन दलों के नेताओं के साथ संवाद किया, जिनके संसद में पांच से अधिक सांसद हैं

बता दें कि 24 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद प्रधानमंत्री का विपक्षी दलों के साथ यह पहला संवाद है. हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर 2 अप्रैल को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संवाद किया था.

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, द्रमुक प्रमुख स्टालिन सहित कई नेताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद कर महामारी रोकने के लिए सरकार के प्रयासों की जानकारी दी थी.

मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्रियों एच डी देवेगौड़ा और मनमोहन सिंह से भी बात की थी.
प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में डाक्टरों, पत्रकारों, विदेशों में भारतीय मिशनों के राजनयिकों सहित विभिन्न पक्षकारों से बातचीत की है.

– स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार सुबह को जारी आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के कारण 149 लोगों की मौत हुई है
– भारत में कोरोना वायरस के कारण 5194 लोग संक्रमित हुए हैं
– देश में कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन का यह तीसरा सप्ताह है
– देश के कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले लगातार सामने आ रहे हैं