कोलकाता: पश्‍चिम बंगाल की कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने शहर से तीन बांग्लादेशी नागरिकों समेत आतंकवादी संगठन नियो-जेएमबी (जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश) के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. बांग्लादेशी आतंकी अपने देश में गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले कुछ समय से भारत में रह रहे थे. वे यहां आईएसआईएस के सिलसिले में भर्ती करने आए थे. पुलिस ने बताया कि भारतीय नागरिक भर्ती और धन संग्रह में तीनों की मदद कर रहा था. Also Read - Coronavirus Crisis in India: देश में कोरोना की कहीं दूसरी तो कहीं तीसरी लहर का प्रकोप, यहां देखें किस राज्य में कितने मामले

समूह में तीन बांग्लादेशी नागरिक और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले का रहने वाला एक भारतीय है. दो लोगों को सोमवार को सियालदह क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. उनसे पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह हावड़ा रेलवे स्टेशन के पास दो अन्य को गिरफ्तार किया गया. Also Read - मैं बीजेपी ज्‍वाइन नहीं करूंगा चाहे मर जाऊं: TMC MP सौगत राय

एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि सूचना मिलने पर कोलकाता एसटीएफ के अधिकारियों ने सियालदाह रेलवे स्टेशन के पार्किंग स्थल के पास से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया. शुरूआती जांच से पता चला है कि चारों सोशल मीडिया पर अपने एजेंडा का सक्रियता से प्रचार कर रहे थे. Also Read - भाजपा सांसद अर्जुन सिंह का दावा, 'कभी भी इस्तीफा दे देंगे तृणमूल कांग्रेस के पांच सांसद'

एसटीएफ के अधिकारी ने कहा, “आतंकवादी संगठन नियो-जेएमबी/आईएस (इस्लामिक स्टेट) के सदस्यों- मोहम्मद जिया-उर-रहमान (44) और मेमन-उर-राशिद (33)- को सोमवार को गिरफ्तार किया गया. उनके कब्जे से एम मोबाइल फोन, जिसमें तस्वीरें, वीडियो, जेहादी साहित्य और जेहाद पर किताबें बरामद की गईं.” उनसे पूछताछ के बाद अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया.

एसटीएफ अफसर ने कहा, “एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद साहीन आलम (23) और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला में रहने वाले रोबी-उल-इस्लाम (35) को मंगलवार को हावड़ा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया. उनके कब्जे से भी जिहादी साहित्य बरामद किया गया.”

तीनों बांग्लादेशी नागरिक अपने देश में गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत में शरण लिए हुए थे. वे यहां अपने संगठन में भर्ती करने और आर्थिक सहयोग इकट्ठा करने के गतिविधियों में भी शामिल थे. गिरफ्तार हुआ भारतीय व्यक्ति भी इसी संगठन का सदस्य है और उसने उन्हें यहां शरण देने के साथ-साथ भर्ती करने और कोलकाता से रुपए इकट्ठे करने में सहायता की.

अधिकारी ने कहा, “ये सभी लोग सोशल मीडिया पर अपने एजेंडे के प्रचार में सक्रिय थे. उनके कब्जे से कई सारे डिजिटल दस्तावेज, वीडियो और ऑडियो फाइल्स के साथ-साथ जिहादी किताबें बरामद हुई हैं.”