नई दिल्ली: कुछ बदमाशों ने शुक्रवार को नई ‘ट्रेन 18’ पर उसके अभ्यास परिचालन के दौरान पथराव किया. इसी तरह की घटना करीब एक महीने पहले भी हुई थी. रेलवे ने कहा कि घटना में कोई जख्मी नहीं हुआ और न ही किसी को गिरफ्तार किया जा सका है. यह घटना ट्रेन के शकूरबस्ती से रवाना होने के बाद हुई थी. ट्रेन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचना था, जहां से ट्रेन इलाहाबाद तक अपना अभ्यास परिचालन शुरू करती.Also Read - Indian Railways: तूफान Jawad के कारण कल-परसों के लिए ये 95 ट्रेनें रद्द, देखें पूरी लिस्ट

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रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मी ट्रेन की सुरक्षा कर रहे थे. उत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर सुरक्षा दल ने ट्रेन पर पथराव की होने की सूचना दी. डीएलटी (दिल्ली लाहौरी गेट) पोस्ट के तहत सदर इलाके के पास ट्रेन के दूसरे डिब्बे को पत्थर लगा है. उन्होंने बताया कि टी-18 में मौजूद रेल कर्मी ने सुरक्षा दल को सूचना दी कि कोच संख्या 188320 की खिड़की के शीशे पर पत्थर मारा गया है. इससे पहले, 20 दिसंबर को इसी ट्रेन पर दिल्ली और आगरा के बीच अभ्यास परिचालन के दौरान भी पथराव किया गया था. Also Read - Railway Recruitment 2021: रेलवे में सरकारी नौकरी का फिर सुनहरा अवसर, जल्दी करें आवेदन

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बता दें अभी इस ट्रेन का अभी ट्रायल चल रहा है. भारतीय रेलवे ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन-18 को सबसे पहले दिल्ली-वाराणसी रूट पर दौड़ाने का फैसला किया है. इस रूट पर ट्रेन-18 का संचालन शुरू होने से दिल्ली से वाराणसी तक का सफर महज 8 घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा. इस दूरी को तय करने में अभी मेल/एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेनों को 12 घंटे से ज्यादा का समय लगता है. कई ट्रेनें तो इतनी दूरी का सफर 15 से 17 घंटे में पूरा करती हैं. लेकिन ट्रेन-18 एक ही दिन में दिल्ली से वाराणसी तक आ-जा सकेगी. आपको बता दें कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है. इस वजह से भी ट्रेन-18 को दिल्ली-वाराणसी रूट पर चलाए जाने की बात हो रही है.