नई दिल्ली: पाकिस्तान में सिख किशोरी से शादी करने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति के परिवार की अगुवाई में कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को गुरद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब के बाहर प्रदर्शन किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में भीड़ ने सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थल ननकाना साहिब को घेरकर उस पर पत्थरबाजी की. इस घटना की भारतीय विदेश मंत्रालय ने निन्दा की. गुरद्वारा ननकाना साहिब वह स्थान है जहां सिखों के पहले गुरु नानक देव का जन्म हुआ था. इसे गुरद्वारा जन्मस्थान भी कहा जाता है. यह सिखों के पवित्रतम स्थलों में एक है.

वहीं मामले की बात करें तो लड़की का कथित बलात धर्मांतरण कराने को लेकर संबंधित व्यक्ति के रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के अनुसार हसन नामक एक व्यक्ति ने पिछले साल सितंबर में 18 साल की जगजीत कौर का अपहरण किया था, उसे मुसलमान बनाया था और उससे शादी कर ली थी.

जिसके बाद खबरों के मुताबिक भीड़ ने ननकाना साहिब पर धावा बोल दिया. ननकाना साहिब के नाराज स्थानीय बाशिंदों ने शुक्रवार को सिख श्रद्धालुओं पर पथराव किया. पूरी घटना पर नजर बनाए हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान में श्री गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान पवित्र ननकाना साहिब में सिखों के साथ हिंसा हुई है.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत इस पवित्र स्थान पर तोड़फोड़ और बेअदबी की हरकतों की कड़ी निंदा करता है. हम पाकिस्तान सरकार से सिखों की सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान करते हैं.’’ मंत्रालय ने कहा, ‘‘ उन बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जो इस पवित्र गुरद्वारे में बेअदबी में शामिल हैं और जिन्होंने अल्पसंख्यक सिखों पर हमला किया है.’’

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और विपक्षी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने भी ननकाना गुरद्वारा साहिब में भीड़ के हमले की खबरों पर चिंता प्रकट की. सिंह ने ट्वीट कर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि गुरद्वारे में फंसे श्रद्धालुओं को भीड़ से बचाया जाए. शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे को अपने पाकिस्तानी समकक्ष के सम्मुख उठाने की अपील की.

इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘हसन के परिवार के सदस्यों ने सिख लड़की को लेकर उठे विवाद पर हुई अपने कुछ रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के खिलाफ गुरद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब के बाहर शुक्रवार को धरना दिया.’’

वहीं इस गुरद्वारे में तोड़फोड़ की भारत द्वारा कड़ी निंदा किए जाने की खबरों के संबंध में पूछे जाने पर हाशमी ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण हैं. पुलिस द्वारा एक व्यक्ति को रिहा किए जाने के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया.’’

इस बीच, एक पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक के स्थानीय संवाददाता ने पीटीआई को बताया कि उस वक्त गुरु गोविंद सिंह की जयंती मनाने के लिए जो पाकिस्तानी सिख गुरद्वारे में मौजूद थे, वे गुरद्वारे के बाहर मुसलमानों के प्रदर्शन से घबरा गए, उन्हें लगा कि प्रदर्शनकारी उन पर हमला कर सकते हैं. स्थानीय संवाददाता ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों ने गुरद्वारा जाने वाले एक मुख्य मार्ग को भी बंद कर दिया जिससे कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा.’’

हालांकि पुलिस की एक टुकड़ी मौके पर पहुंची और उसने गुरद्वारा परिसर को कब्जे में ले लिया. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने हसन के परिवार के खिलाफ दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के सिलसिले में उसके परिवार के कुछ सदस्यों को बस तलब किया था. इस मुद्दे ने तब विवाद का रूप ले लिया था जब लड़की के परिवार का एक वीडियो वायरल हो गया था. इसमें दावा किया गया था कि लड़की का अपहरण कर उसे जबरन मुसलमान बना दिया गया.

हालांकि ननकाना साहिब गुरुद्वारे के बाहर जमा हुई हिंसक भीड़ पुलिस द्वारा एहसान को रिहा किए जाने के बाद तितर-बितर हो गई, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर एक सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण कर लिया था, जो गुरुद्वारा की पंथी की बेटी थी.


(इनपुट ऐजेंसी/भाषा)